


रोसड़ा (समस्तीपुर): बिहार विद्यालय परीक्षा समिति द्वारा आयोजित इंटरमीडिएट की परीक्षा के दौरान सोमवार को रोसड़ा प्रखंड के उच्च माध्यमिक विद्यालय, भीरहा (पूरब) आदर्श परीक्षा केंद्र पर हाई-वोल्टेज ड्रामा देखने को मिला। बीमारी के कारण परीक्षा केंद्र से बाहर गई एक छात्रा को जब दोबारा प्रवेश नहीं दिया गया, तो आक्रोशित लोगों ने मुख्य सड़क को जाम कर दिया।

क्या है पूरा मामला?
मिली जानकारी के अनुसार, छात्रा सुनीता कुमारी सोमवार को निर्धारित समय पर परीक्षा देने केंद्र के अंदर गई थी। परीक्षा शुरू होने से 20 मिनट पूर्व
अचानक उसकी तबीयत खराब हो गई। स्थिति को देखते हुए परिजनों ने उसे मोटरसाइकिल से तुरंत अनुमंडलीय अस्पताल, रोसड़ा में भर्ती कराया।

अस्पताल में प्राथमिक उपचार के बाद 1 घंटा 30 मिनट लेट जब छात्रा वापस परीक्षा देने केंद्र पहुंची, तो वहां तैनात अधिकारियों ने उसे अंदर जाने से रोक दिया। अधिकारियों का तर्क था कि एक बार बाहर जाने के बाद दोबारा प्रवेश का प्रावधान नहीं है।


प्रशासन की ओर से छात्रा को यह कहकर शांत करने की कोशिश की गई कि उसकी परीक्षा एक महीने बाद ली जाएगी, जिससे छात्रा और उसके परिजन और अधिक नाराज हो गए।
सड़क जाम और पुलिस की कार्रवाई
परीक्षा से वंचित होने के डर से छात्रा और स्थानीय ग्रामीणों का गुस्सा फूट पड़ा। देखते ही देखते लोगों ने रोसड़ा-सिंघिया मुख्य मार्ग को जाम कर दिया, जिससे वाहनों की लंबी कतारें लग गईं।


घटना की सूचना मिलते ही रोसड़ा पुलिस तुरंत मौके पर पहुंची। पुलिस ने स्थिति की गंभीरता को समझा और परीक्षा केंद्र के अधिकारियों से बात की। पुलिस के हस्तक्षेप के बाद छात्रा को परीक्षा केंद्र में दोबारा एंट्री दिलाई गई, जिसके बाद मामला शांत हुआ और यातायात बहाल हो सका।
रोसड़ा अनुमंडल पदाधिकारी और रोसड़ा अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी पहुँचकर जायजा लिया।


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