राजद को बड़ा झटका: प्रदेश सचिव धर्मेंद्र कुशवाहा ने दिया इस्तीफा, ‘उपेक्षा’ और ‘बाहरियों’ पर उठाए सवाल

पटना: बिहार की राजनीति से इस वक्त की बड़ी खबर सामने आ रही है। राष्ट्रीय जनता दल (RJD) के पुराने और समर्पित नेता धर्मेंद्र कुमार कुशवाहा ने पार्टी के सभी पदों और प्राथमिक सदस्यता से इस्तीफा दे दिया है। राजद प्रदेश अध्यक्ष जगदानंद सिंह को भेजे गए अपने त्यागपत्र में उन्होंने पार्टी की वर्तमान कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े किए हैं।

निष्ठावान कार्यकर्ताओं की हो रही उपेक्षा”
​धर्मेंद्र कुशवाहा ने अपने पत्र में दर्द जाहिर करते हुए लिखा कि वे पार्टी के स्थापना काल से ही एक सक्रिय और समर्पित सिपाही रहे हैं। उन्होंने संगठन के विभिन्न पदों पर रहते हुए सदैव पार्टी की नीतियों और विचारधारा को आगे बढ़ाया। लेकिन वर्तमान परिस्थितियों में जमीन पर संघर्ष करने वाले पुराने कार्यकर्ताओं को किनारे किया जा रहा है।

इस्तीफे के मुख्य कारण:
​त्यागपत्र में कुशवाहा ने तीन प्रमुख बिंदुओं पर अपनी नाराजगी जताई है:
​बाहरी लोगों को प्राथमिकता: उन्होंने आरोप लगाया कि वर्षों से खून-पसीना बहाने वाले कर्मठ कार्यकर्ताओं की जगह बाहरी और अवसरवादी लोगों को तरजीह दी जा रही है।
​संवाद की कमी: शीर्ष नेतृत्व तक अपनी बात पहुँचाने का कोई रास्ता नहीं बचा है, जिससे कार्यकर्ताओं में निराशा है।
​आत्मसम्मान से समझौता: उन्होंने स्पष्ट किया कि ऐसी परिस्थितियों में आत्मसम्मान और संगठन के मूल्यों के साथ काम करना अब उनके लिए संभव नहीं रह गया है।

राजनीतिक गलियारों में हलचल
​धर्मेंद्र कुमार कुशवाहा का इस्तीफा ऐसे समय में आया है जब पार्टियां आगामी चुनावों और संगठन विस्तार की रणनीतियों में जुटी हैं। एक प्रदेश सचिव स्तर के नेता द्वारा “संगठन की मूल आत्मा के आहत होने” की बात कहना पार्टी के भीतर पनप रहे असंतोष को उजागर करता है।

धर्मेंद्र कुमार कुशवाहा के इस कदम के बाद अब यह देखना दिलचस्प होगा कि वे भविष्य में किस राजनीतिक दल का दामन थामते हैं या अपनी नई राह चुनते हैं।

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