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समस्तीपुर में रिल्स का जानलेवा शौक़, ​सरकारी दफ्तरों और स्टेशनों को बनाया ‘स्टूडियो’, हथियार लहराते युवाओं पर पुलिस मौन!

बिहार के समस्तीपुर जिले में इन दिनों ‘रातों-रात स्टार’ बनने की चाहत युवाओं के सिर चढ़कर बोल रही है। सोशल मीडिया पर वायरल होने के चक्कर में लोग यह भूल चुके हैं कि वे कानून और मर्यादा की धज्जियां उड़ा रहे हैं।
​ रिल्स के लिए सरकारी संपत्तियों का दुरुपयोग
​जिले में रिल्स बनाने का भूत इस कदर सवार है कि लोग रेलवे स्टेशन से लेकर सरकारी कार्यालयों तक को अपना पर्सनल स्टूडियो समझ बैठे हैं। बिना किसी अनुमति के इन संवेदनशील जगहों पर रिल्स शूट की जा रही है, जिससे सरकारी कामकाज और आम जनता को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।

हथियार और वर्चस्व की जंग
​सबसे चिंताजनक बात यह है कि अपना वर्चस्व कायम करने के लिए युवा अब अवैध हथियारों के साथ रिल्स बना रहे हैं।

युवा-युवती और बुजुर्ग: फेमस होने की इस दौड़ में कोई पीछे नहीं है। हथियारों के साथ वीडियो पोस्ट करना अब एक ट्रेंड बन गया है।
​कानून का खौफ खत्म: सरेआम हथियारों का प्रदर्शन सोशल मीडिया पर ‘जलवा’ दिखाने के लिए किया जा रहा है।

पुलिस की भूमिका पर सवाल
​हैरानी की बात यह है कि समस्तीपुर पुलिस इन वीडियो और पोस्ट्स को देखकर भी मौन धारण किए हुए है। सोशल मीडिया पर अवैध हथियारों के साथ रिल्स वायरल होने के बावजूद ठोस कार्रवाई न होने से अपराधियों के हौसले बुलंद हैं।
​बड़ा सवाल: क्या प्रशासन किसी बड़ी अनहोनी का इंतज़ार कर रहा है? क्या सरकारी जगहों पर रिल्स बनाने पर सख्त प्रतिबंध नहीं लगना चाहिए?

जनता की मांग है कि सरकारी कार्यालयों और सार्वजनिक स्थलों पर रिल्स बनाने पर तुरंत प्रतिबंध लगे और हथियार लहराने वाले ‘रिल-बाजों’ को सलाखों के पीछे भेजा जाए।

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