समस्तीपुर: स्थानीय संध्या उत्सव पैलेस के सभागार में रविवार को जिले भर से आए सैकड़ों बीपीएससी अध्यापकों की एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। इस बैठक में सर्वसम्मति से ‘बीपीएससी अध्यापक संघ’ की जिला इकाई समस्तीपुर का गठन किया गया, जिसमें अभिलाष प्र. वर्मा को निर्विरोध जिलाध्यक्ष चुना गया।
प्रमुख मांगों पर एकजुट हुए शिक्षक
प्रदेश अध्यक्ष बबीता चौरसिया की अध्यक्षता में आयोजित इस बैठक में अध्यापकों ने अपनी विभिन्न समस्याओं और अधिकारों को लेकर आवाज बुलंद की।
संघ ने मुख्य रूप से निम्नलिखित मांगों पर जोर दिया:
सप्तम वेतनमान: 9300-34800 ग्रेड पे के साथ पूर्ण वेतनमान लागू करना।
पुरानी पेंशन योजना: शिक्षकों के भविष्य की सुरक्षा के लिए पुरानी पेंशन की बहाली।
भत्ते और सुविधाएं: आवास भत्ता, महंगाई भत्ता, शहरी परिवहन भत्ता को अपडेट करना।
सेवा शर्तें: स्थानांतरण, वरीयता और राज्यकर्मी की पूर्ण सेवा शर्तों को लागू करना।
भेदभाव के विरुद्ध संघर्ष का संकल्प
नवनिर्वाचित जिलाध्यक्ष अभिलाष वर्मा ने अपने संबोधन में कहा कि बिहार लोक सेवा आयोग (BPSC) जैसी प्रतिष्ठित संस्था से चयनित होने के बावजूद विद्यालयों और विभाग में शिक्षकों के साथ भेदभाव हो रहा है। उन्होंने कहा, “गुणवत्तापूर्ण शिक्षा का भार हमारे कंधों पर है, फिर भी हमारी समस्याओं को गंभीरता से नहीं लिया जा रहा है। अपने मान-सम्मान और हक के लिए हमें गोलबंद होना ही होगा।”
नई जिला कार्यकारिणी की घोषणा
बैठक में सर्वसम्मति से पदाधिकारियों का चयन किया गया, जो इस प्रकार है:
जिलाध्यक्ष: अभिलाष प्र. वर्मा
उपाध्यक्ष सह कोषाध्यक्ष: पुरुषोत्तम कुमार
संयोजक: कमल किशोर यादव
प्रधान सचिव: अमित कुमार एवं पंकज कुमार
अध्यक्ष (महिला मोर्चा): गुड़िया कुमारी
प्रवक्ता: राज ऋषि दास
सचिव: सतीश कुमार
इनकी रही गरिमामयी उपस्थिति।
बैठक को सोनी कुमारी, रूबी कुमारी, जोहरा खातून, शिशुबिन्दु उपाध्याय, गुलशन कुमार दास, मो. मुबारक, मो. तौसीफ और नीरज कुमार सहित दर्जनों शिक्षकों ने संबोधित किया। वक्ताओं ने प्रदेश अध्यक्ष बबीता चौरसिया के नेतृत्व में अटूट विश्वास जताते हुए कहा कि अध्यापकों के हितों के लिए संघर्ष जारी रहेगा।
