रोसड़ा (समस्तीपुर): रोसड़ा थाना क्षेत्र के शाहपुर दुर्गा स्थान से सपौहुआ बसौली तक अतिक्रमण हटाओ अभियान के बाद अब एक नया विवाद खड़ा हो गया है। जिस जमीन को प्रशासन ने ‘सड़क की जमीन’ बताकर बुलडोजर से खाली कराया था, अब उसी जमीन पर निजी घेराबंदी शुरू कर दी गई है, जिससे स्थानीय लोगों में भारी आक्रोश है।
क्या है पूरा मामला?
विदित हो कि MJC नंबर 2124 (राजदीप राय बनाम बिहार सरकार) मामले में कोर्ट के आदेश के बाद, बीते 23 मार्च को प्रशासन ने शाहपुर दुर्गा स्थान से सपौहुआ बसौली तक सड़क की जमीन पर किए गए अतिक्रमण को हटाया था। इस दौरान भारी पुलिस बल और बुलडोजर की मदद से कई निर्माणों को ध्वस्त कर दिया गया था।
घेराबंदी से भड़के ग्रामीण
ताजा विवाद तब शुरू हुआ जब 27 मार्च को आवेदनकर्ता राजदीप राय द्वारा उक्त जमीन पर पिलर गाड़कर कटीले तारों से घेराबंदी शुरू कर दी गई। अतिक्रमण की कार्रवाई में बेघर हुए परिवारों ने इस पर कड़ी आपत्ति जताई है।
पीडितों का पक्ष: “प्रशासन ने यह कहकर हमारे घर उजाड़ दिए कि यह सड़क की सरकारी जमीन है। अगर वह जमीन सड़क की है, तो अब व्यक्तिगत रूप से उसकी घेराबंदी कैसे की जा रही है? यह तो खुलेआम नियम की धज्जी उड़ाना है।
प्रशासन की भूमिका पर सवाल
ग्रामीणों का आरोप है कि यदि जमीन सरकारी सड़क की थी, तो उस पर किसी व्यक्ति विशेष का कब्जा कैसे हो सकता है? फिलहाल इस घेराबंदी के बाद क्षेत्र में तनाव का माहौल है और स्थानीय लोग इस मामले में उच्च अधिकारियों से हस्तक्षेप की मांग कर रहे हैं।
