रोसड़ा (समस्तीपुर): बुधवार को रोसड़ा बाजार की सड़कें एक बार फिर ‘जाम के जाल’ में फंस गईं। भीषण गर्मी और चिलचिलाती धूप के बीच शहर के प्रमुख चौक-चौराहों पर वाहनों के पहिए घंटों थमे रहे, जिससे आम जनजीवन पूरी तरह अस्त-व्यस्त हो गया।
प्रमुख चौराहों पर लगा वाहनों का अंबार
शहर के मुख्य व्यापारिक केंद्र गांधी चौक, महावीर चौक, टावर चौक, नंद चौक और अंबेडकर चौक पर सुबह से ही जाम की स्थिति बनी रही। देखते ही देखते वाहनों की कतारें इतनी लंबी हो गईं कि पैदल यात्रियों का निकलना भी दूभर हो गया। चिलचिलाती धूप और उमस ने जाम में फंसे स्कूली बच्चों, कार्यालय जाने वाले कर्मचारियों और राहगीरों के धैर्य की कड़ी परीक्षा ली।
जाम की भयावह स्थिति को देखते हुए रोसड़ा थाना की पुलिस को मोर्चा संभालना पड़ा। घंटों की कड़ी मशक्कत और कड़ी धूप में पसीना बहाने के बाद पुलिसकर्मियों ने धीरे-धीरे यातायात को सुचारू कराया। हालांकि, तब तक घंटों की देरी के कारण कई लोगों के महत्वपूर्ण कार्य छूट गए और लोगों में प्रशासन के प्रति भारी नाराजगी देखी गई।
जाम के मुख्य कारण: पार्किंग का अभाव और अतिक्रमण
बाजार में आए दिन लगने वाले इस भीषण जाम के पीछे कई गंभीर कारण सामने आए हैं:
अव्यवस्थित पार्किंग: बाजार में पार्किंग की कोई स्थाई व्यवस्था नहीं होने के कारण ग्राहक अपने वाहन सड़कों पर ही खड़े कर देते हैं, जिससे चौड़ी सड़कें भी संकरी गलियों में तब्दील हो जाती हैं।
अतिक्रमण का बोलबाला: मुख्य सड़कों और चौराहों पर फल-सब्जी के ठेले और फास्ट फूड की दुकानों के साथ-साथ स्थाई दुकानदारों द्वारा भी सड़क तक सामान फैला लिया जाता है। साथ ही सिनेमा चौक पर ई रिक्शा टोटो, सड़क पर ही लगी रहती हैं जिससे जाम लगने की मुख्य समस्या हैं।
भारी वाहनों का प्रवेश: दिन के समय बाजार क्षेत्र में भारी वाहनों के प्रवेश से स्थिति और भी विकराल हो जाती है।
अस्थाई कार्रवाई: नगर परिषद द्वारा की जाने वाली अतिक्रमण हटाओ मुहिम केवल औपचारिकता तक सीमित रहती है। प्रशासन के जाते ही सड़कें फिर से दुकानों से पट जाती हैं।
जनता की मांग: चाहिए स्थाई समाधान
स्थानीय नागरिकों और बुद्धिजीवियों का कहना है कि जब तक प्रशासन पार्किंग की ठोस व्यवस्था नहीं करता और अतिक्रमणकारियों पर सख्त आर्थिक दंड नहीं लगाया जाता, तब तक रोसड़ा को इस समस्या से मुक्ति नहीं मिलेगी। लोगों ने जिला प्रशासन और नगर परिषद से मांग की है कि बाजार में नो-एंट्री का कड़ाई से पालन कराया जाए और सड़क किनारे से स्थाई तौर पर अतिक्रमण हटाया जाए।
