Site icon Sabki Khabar

खाकी पर लगा ‘वसूली’ का दाग, हसनपुर पुलिस और चौकीदार पर 10 हजार रुपए ऐंठने का आरोप।

समस्तीपुर जिले के हसनपुर थाना क्षेत्र से भ्रष्टाचार और पुलिसिया धौंस का एक सनसनीखेज मामला सामने आया है। यहाँ एक वृद्ध व्यक्ति को झूठे मुकदमे में फंसाने की धमकी देकर पुलिसकर्मियों और एक ग्रामीण चौकीदार द्वारा कथित तौर पर 10,000 रुपये की अवैध वसूली करने का आरोप लगा है। पीड़ित परिवार ने अब न्याय की गुहार लगाते हुए वरीय अधिकारियों को आवेदन दिया है।​मिली जानकारी के अनुसार, कल्याणपुर थाना क्षेत्र के कपुर पट्टी निवासी संजय कुमार सहनी ने आरोप लगाया है कि उनके 75 वर्षीय ससुर फेकु सहनी ग्राम-शासन, वार्ड-1, हसनपुर निवासी बीते 10 मई की सुबह करीब 7:00 बजे अपने पोखरे पर गए थे। 

इसी दौरान ग्रामीण चौकीदार मनीष दास, हसनपुर थाने की गाड़ी और करीब 4 पुलिसकर्मियों के साथ वहाँ पहुँचा।​डरा-धमकाकर ‘डिजिटल’ वसूली ​पीड़ित का आरोप है कि पुलिसकर्मियों ने वृद्ध फेकु सहनी के साथ गाली-गलौज की और उन्हें जबरन पुलिस जीप में बिठा लिया। जब वृद्ध रोने लगे, तो उन्हें छोड़ने के एवज में 10,000 रुपये की मांग की गई। पैसे न होने पर चौकीदार मनीष दास ने अपने मोबाइल का QR कोड (स्कैनर) निकाला और उस पर पैसे मंगवाने का दबाव बनाया।​मजबूरी में वृद्ध ने अपनी पुत्री अनीता देवी को फोन किया, जिसके बाद उनकी पुत्री ने चौकीदार के स्कैनर पर 10,000 रुपये ऑनलाइन ट्रांसफर किए। 

पैसे मिलते ही पुलिस ने वृद्ध को छोड़ दिया, लेकिन जाते-जाते भविष्य में भी पैसे देते रहने और न देने पर झूठे केस में फंसाने की धमकी दी।
​साक्ष्य के साथ न्याय की गुहार
​संजय कुमार सहनी ने इस पूरे मामले की लिखित शिकायत दर्ज कराई है और साक्ष्य के रूप में ऑनलाइन ट्रांजेक्शन का प्रिंटआउट भी संलग्न किया है। पीड़ित परिवार का कहना है कि वे डरे हुए हैं और उन्हें लगातार धमकियां मिल रही हैं।

उन्होंने प्रशासन से मांग की है कि दोषी चौकीदार और पुलिसकर्मियों पर कड़ी कार्रवाई की जाए।डिजिटल इंडिया के दौर में भ्रष्टाचार का यह ‘डिजिटल तरीका’ पुलिस की कार्यशैली पर बड़े सवाल खड़े करता है। अब देखना यह है कि विभाग अपने दागी कर्मियों पर क्या एक्शन लेता है।

Exit mobile version