रोसड़ा आगामी पंचायत चुनाव 2026 को लेकर रोसड़ा प्रखंड मुखिया संघ ने बड़ा फैसला लेते हुए स्पष्ट किया है कि पंचायत परिसीमन और पिछड़ा वर्ग आयोग के गठन की प्रक्रिया पूरी किए बिना चुनाव कराना संविधान की भावना के अनुरूप नहीं होगा। इस संबंध में शनिवार को प्रखंड मुख्यालय स्थित सभागार में मुखिया संघ की एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई, जिसकी अध्यक्षता संघ के अध्यक्ष प्रवीण कुमार ने की।बैठक में प्रखंड क्षेत्र के विभिन्न पंचायतों के मुखियाओं ने आगामी पंचायत चुनाव की तैयारियों, पंचायतों के पुनर्गठन तथा आरक्षण व्यवस्था से जुड़े मुद्दों पर विस्तार से चर्चा की। चर्चा के दौरान सभी मुखियाओं ने सर्वसम्मति से यह मत व्यक्त किया कि पंचायत परिसीमन और पिछड़ा वर्ग आयोग के गठन की प्रक्रिया पूरी किए बिना चुनाव कराए जाने से पंचायतों में प्रतिनिधित्व और आरक्षण व्यवस्था प्रभावित हो सकती है।
मुखियाओं का कहना था कि संविधान के 73वें संशोधन के तहत पंचायती राज संस्थाओं को मजबूत बनाने तथा समाज के सभी वर्गों को समुचित प्रतिनिधित्व देने का प्रावधान किया गया है। ऐसे में पंचायतों की वर्तमान भौगोलिक एवं जनसंख्या स्थिति के अनुरूप परिसीमन कराना तथा पिछड़े वर्गों के लिए आरक्षण से संबंधित आवश्यक प्रक्रियाओं को पूरा करना आवश्यक है। यदि इन प्रक्रियाओं को नजरअंदाज कर चुनाव कराया जाता है तो इससे पंचायत व्यवस्था की पारदर्शिता और लोकतांत्रिक स्वरूप पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ सकता है।
बैठक में यह भी निर्णय लिया गया कि इस विषय पर सरकार का ध्यान आकृष्ट कराने के लिए एक मांग पत्र बिहार सरकार के पंचायती राज मंत्री को भेजा जाए। इसी निर्णय के तहत मुखिया संघ के अध्यक्ष प्रवीण कुमार ने पंचायती राज मंत्री के नाम संबोधित मांग पत्र प्रखंड विकास पदाधिकारी राकेश कुमार को सौंपा। मांग पत्र के माध्यम से सरकार से आग्रह किया गया है कि पंचायत परिसीमन और पिछड़ा वर्ग आयोग के गठन की प्रक्रिया पूरी होने तक पंचायत चुनाव को स्थगित रखा जाए।मांग पत्र में कहा गया है कि पंचायत परिसीमन के माध्यम से पंचायतों की सीमाओं और वार्डों का निर्धारण वर्तमान परिस्थितियों के अनुसार किया जाना चाहिए, ताकि जनसंख्या के आधार पर सभी क्षेत्रों को उचित प्रतिनिधित्व मिल सके।
वहीं पिछड़ा वर्ग आयोग के गठन के बाद उसकी अनुशंसाओं के अनुरूप आरक्षण व्यवस्था लागू की जानी चाहिए। इसके बाद ही पंचायत चुनाव कराना लोकतांत्रिक दृष्टिकोण से उचित होगा।मुखिया संघ ने कहा कि उनका उद्देश्य चुनाव प्रक्रिया में किसी प्रकार का व्यवधान उत्पन्न करना नहीं है, बल्कि यह सुनिश्चित करना है कि पंचायत चुनाव पूरी तरह संवैधानिक प्रावधानों, न्यायसंगत प्रतिनिधित्व और आरक्षण संबंधी नियमों के अनुरूप संपन्न हो। उन्होंने उम्मीद जताई कि राज्य सरकार उनकी मांगों पर गंभीरता से विचार करेगी और आवश्यक प्रक्रियाओं को पूरा करने के बाद ही चुनाव कार्यक्रम की घोषणा करेगी।
बैठक में मुखिया संघ के अध्यक्ष प्रवीण कुमार, उपाध्यक्ष लालटुन पासवान, शंभू प्रसाद सिंह, ओम प्रकाश महतो, सुनैना देवी, सोनू कुमार सहित कई पंचायतों के मुखिया मौजूद रहे। सभी ने एक स्वर में संघ के प्रस्ताव का समर्थन करते हुए सरकार से शीघ्र निर्णय लेने की मांग की।
