Site icon Sabki Khabar

ऑपरेशन के बाद भी नहीं मिली राहत, निजी अस्पताल पर लापरवाही का आरोप, मंत्री ने जांच की मांग की

रोसड़ा थाना क्षेत्र के कोलहट्टा गोनबाड़ा वार्ड संख्या 18 निवासी मिथिलेश मुखिया की पत्नी प्रवीण देवी ने एक निजी अस्पताल पर इलाज में लापरवाही बरतने का आरोप लगाया है। पीड़िता का कहना है कि पैर टूटने के बाद उनका इलाज रोसड़ा स्थित निजी क्लीनिक में कराया गया था, जहां चिकित्सकों ने ऑपरेशन कर स्टील लगाने की सलाह दी थी। आरोप है कि ऑपरेशन के नाम पर उनसे मोटी रकम भी वसूली गई।

पीड़िता के अनुसार ऑपरेशन के लगभग सात माह बाद दोबारा सर्जरी कर पैर से स्टील निकाल दिया गया। इसके बावजूद उनके पैर में लगातार सूजन बनी रही और चलने-फिरने में परेशानी होती रही। उन्होंने बताया कि समस्या की शिकायत करने पर चिकित्सक द्वारा दवाइयां दी गईं और जल्द आराम मिलने का आश्वासन दिया गया, लेकिन स्वास्थ्य में कोई विशेष सुधार नहीं हुआ।

प्रवीण देवी का आरोप है कि बाद में उन्होंने दूसरे स्थान पर जांच और उपचार कराया, जहां यह जानकारी मिली कि उनके पैर की हड्डी अब भी टूटी हुई है। इसके बाद उन्होंने मामले में कार्रवाई की मांग को लेकर अनुमंडल पदाधिकारी समेत मंत्री को आवेदन देने की बात कही है।

ग्रामीण विकास तथा सूचना एवं जनसंपर्क विभाग, बिहार सरकार के मंत्री श्रवण कुमार ने शिकायत को गंभीरता से लेते हुए रोसड़ा के शर्मा हॉस्पिटल की जांच कराने संबंधी ज्ञापन स्वास्थ्य मंत्री निशांत कुमार को सौंपा है। ज्ञापन में पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराए जाने तथा दोषी पाए जाने पर संबंधित चिकित्सक के विरुद्ध आवश्यक कार्रवाई करने का अनुरोध किया गया है।

Exit mobile version