रोसड़ा (समस्तीपुर)। विभागीय निर्देशों के आलोक में अनुमंडलीय अस्पताल रोसड़ा में अग्नि सुरक्षा व्यवस्थाओं की जांच को लेकर एक विस्तृत फायर ऑडिट किया गया। यह निरीक्षण अनुमंडल अग्निशमन पदाधिकारी ओंकार नाथ सिंह के नेतृत्व में चलाया गया, जिसका मुख्य उद्देश्य अस्पताल में आगजनी जैसी संभावित घटनाओं की रोकथाम और सुरक्षा मानकों को सुदृढ़ करना था।
सुरक्षा उपकरणों और आपातकालीन रास्तों की हुई गहन जांच
निरीक्षण के दौरान अग्निशमन विभाग की टीम ने अस्पताल परिसर का बारीकी से जायजा लिया। इस ऑडिट में मुख्य रूप से निम्नलिखित बिंदुओं की जांच की गई:
अग्निशमन यंत्र: परिसर में स्थापित फायर एक्स्टिंग्विशर (अग्निशमन यंत्रों) की उपलब्धता और उनकी वैधता (एक्सपायरी डेट) को जांचा गया।
विद्युत व जल व्यवस्था: अस्पताल की वायरिंग, विद्युत व्यवस्था और आपात स्थिति के लिए जल स्रोतों की उपलब्धता को देखा गया।
आपातकालीन निकास: आपदा की स्थिति में मरीजों और स्वास्थ्यकर्मियों के सुरक्षित बाहर निकलने के लिए आपातकालीन निकास मार्गों और चेतावनी संकेतकों का आकलन किया गया।
अस्पताल कर्मियों को दिया गया प्रशिक्षण
फायर ऑडिट के साथ-साथ अस्पताल के कर्मचारियों को आपदा प्रबंधन के प्रति जागरूक भी किया गया। अधिकारियों ने अस्पताल कर्मियों को आग लगने की स्थिति में किए जाने वाले प्रारंभिक बचाव उपायों की जानकारी दी और अग्निशमन यंत्रों को चलाने का व्यावहारिक प्रशिक्षण भी दिया। जहां भी कमियां पाई गईं, वहां अस्पताल प्रशासन को सुधार के लिए आवश्यक सुझाव दिए गए।
अस्पताल जैसे संवेदनशील संस्थानों में अग्नि सुरक्षा के प्रति विशेष सतर्कता की आवश्यकता है, क्योंकि यहाँ बड़ी संख्या में मरीज, उनके परिजन और स्वास्थ्यकर्मी मौजूद रहते हैं। नियमित फायर ऑडिट से संभावित जोखिमों की पहचान कर समय रहते सुधार किया जा सकता है, जिससे जन-धन की सुरक्षा सुनिश्चित होती है।”
— ओंकार नाथ सिंह, अनुमंडल अग्निशमन पदाधिकारी
अभियान आगे भी रहेगा जारी
अग्निशमन विभाग ने स्पष्ट किया है कि सरकारी और गैर-सरकारी संस्थानों में सुरक्षा मानकों को पुख्ता करने के लिए यह फायर ऑडिट अभियान आगे भी लगातार जारी रहेगा। इसके साथ ही विभाग ने आम लोगों से भी अपील की है कि वे अग्नि सुरक्षा नियमों का पूरी तरह पालन करें और किसी भी आपातकालीन स्थिति में तुरंत अग्निशमन सेवा को सूचित करें।

