रोसरा/समस्तीपुर: राज्य के लगभग 3.5 लाख नियोजित शिक्षकों की लंबित समस्याओं को लेकर बिहार पंचायत नगर प्रारंभिक शिक्षक संघ (मूल) ने गहरी चिंता व्यक्त की है। संघ के प्रदेश सचिव-सह-जिलाध्यक्ष कुमार रजनीश ने इस संबंध में बिहार विधानसभा के नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव को पत्र भेजकर अविलंब हस्तक्षेप करने की मांग की है।
संघ ने सरकार से आगामी विधानसभा सत्र में शून्यकाल या ध्यानाकर्षण प्रस्ताव के माध्यम से इस गंभीर मुद्दे को उठाने और शिक्षकों की समस्याओं का शीघ्र समाधान कराने का आग्रह किया है।
चार महीने से वेतन न मिलने से भुखमरी की नौबत
संघ के प्रदेश सचिव-सह-जिलाध्यक्ष कुमार रजनीश ने कहा कि राज्य की प्रारंभिक शिक्षा व्यवस्था को मजबूती प्रदान करने वाले शिक्षक आज स्वयं आर्थिक एवं सेवा संबंधी समस्याओं से जूझ रहे हैं। राज्य के सभी जिलों में कार्यरत नियोजित शिक्षकों का पिछले चार महीनों से वेतन भुगतान लंबित है। समय पर वेतन नहीं मिलने के कारण शिक्षकों के परिवारों के समक्ष गंभीर आर्थिक संकट उत्पन्न हो गया है, जिससे बच्चों की पढ़ाई, स्वास्थ्य और दैनिक जीवन पर बेहद प्रतिकूल प्रभाव पड़ रहा है।
सेवा शर्त नियमावली 2020 के तहत प्रोन्नति की मांग
कुमार रजनीश ने ‘बिहार पंचायत प्रारंभिक विद्यालय सेवा शर्त नियमावली, 2020’ के प्रावधानों का हवाला देते हुए कहा कि पात्र शिक्षकों को अभी तक कालबद्ध और सेवा आधारित प्रोन्नति का लाभ नहीं मिल पाया है। नियमावली के अनुसार:
12 वर्ष की सेवा पूर्ण करने वाले शिक्षकों को कालबद्ध प्रोन्नति मिलनी चाहिए।
बेसिक ग्रेड में 8 वर्ष की सेवा पूर्ण करने वालों को स्नातक ग्रेड में प्रोन्नति का प्रावधान है।
स्नातक ग्रेड में 5 वर्ष की सेवा पूरी करने वाले शिक्षकों को मध्य विद्यालय के प्रधानाध्यापक पद पर प्रोन्नति दी जानी है।
इन स्पष्ट नियमों के बावजूद राज्य के हजारों पात्र शिक्षक आज भी अपने हक से वंचित हैं।
EPF विसंगति को दूर करने पर जोर
वेतन और प्रोन्नति के अलावा संघ ने ईपीएफ (EPF) कटौती में हो रही गड़बड़ी पर भी सवाल उठाए हैं। संघ का आरोप है कि नियोजित शिक्षकों के EPF अंशदान की कटौती उनके वास्तविक मूल वेतन के अनुरूप नहीं की जा रही है, जिससे भविष्य में उनके सामाजिक सुरक्षा लाभ प्रभावित हो सकते हैं। इसलिए ईपीएफ कटौती को नियमानुसार वास्तविक मूल वेतन के आधार पर ही सुनिश्चित किया जाए।
संघ की मुख्य मांगें:
नियोजित शिक्षकों के लंबित चार माह के वेतन का अविलंब भुगतान किया जाए।
सेवा शर्त नियमावली के अनुसार सभी पात्र शिक्षकों को समयबद्ध प्रोन्नति का लाभ दिया जाए।
EPF अंशदान की कटौती वास्तविक मूल वेतन के आधार पर की जाए।
शिक्षक संघ ने उम्मीद जताई है कि विपक्ष के हस्तक्षेप और शिक्षकों के व्यापक हित को देखते हुए सरकार जल्द ही इन मांगों पर सकारात्मक निर्णय लेगी।
