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रोसड़ा वासियों को कब मिलेगी जाम के झाम से निजात, घंटों रेंगती हैं गाड़ियां, राहगीर बेहाल।

रोसड़ा (समस्तीपुर)। अनुमंडल मुख्यालय रोसड़ा शहर में इन दिनों यातायात व्यवस्था पूरी तरह चरमरा गई है। शहर का शायद ही कोई ऐसा मुख्य मार्ग या चौक-चौराहा हो, जहाँ लोग जाम से दो-चार न हो रहे हों। सुबह से लेकर देर शाम तक शहर की रफ्तार पर ब्रेक लगा रहता है, जिससे बाजार करने आए आम लोगों और राहगीरों का घंटों समय सड़क पर ही बर्बाद हो रहा है।
​इन प्रमुख चौराहों पर स्थिति सबसे बदतर
​शहर के मुख्य व्यापारिक और व्यस्तम इलाकों में जाम का संकट सबसे गंभीर रूप ले चुका है।

प्रतिदिन मुख्य रूप से इन जगहों पर गाड़ियां थमी नजर आती हैं:
​बड़ी दुर्गा स्थान से अम्बेडकर चौक मार्ग
​नंद चौक और सिनेमा चौक
​महावीर चौक एवं गांधी चौक
​क्या हैं जाम के मुख्य कारण?
​रोसड़ा में रोजाना लग रहे इस महाजाम के पीछे कई प्रमुख वजहें हैं, जिन पर स्थाई रूप से काम नहीं हो पा रहा है:
​सड़कों पर अतिक्रमण: दुकानदारों द्वारा सड़क पर आगे तक दुकानें बढ़ा लेना और फुटपाथी दुकानदारों द्वारा मुख्य मार्ग घेरना सबसे बड़ी समस्या है।

रेलवे फाटक: समस्तीपुर-खगड़िया रेलखंड पर ट्रेनों के परिचालन के दौरान रेलवे फाटक बंद होने से दोनों तरफ वाहनों की लंबी कतारें लग जाती हैं। फाटक खुलने के बाद वाहनों में आगे निकलने की होड़ से स्थिति और बिगड़ जाती है।
​अव्यवस्थित वाहन पार्किंग: छोटी-बड़ी गाड़ियाँ, ऑटो और ई-रिक्शा चालकों द्वारा सड़कों पर जहाँ-तहां वाहन खड़े कर सवारी बैठाने से बची-खुची कसर भी पूरी हो जाती है।

प्रशासन की कार्रवाई सिर्फ ‘ढाक के तीन पात’
​स्थानीय प्रशासन द्वारा समय-समय पर अतिक्रमण हटाओ अभियान तो चलाया जाता है, लेकिन यह कार्रवाई महज खानापूर्ति साबित हो रही है। प्रशासन का बुलडोजर या डंडा चलते ही कुछ घंटों के लिए सड़कें साफ तो दिखती हैं, लेकिन पुलिस-प्रशासन के हटते ही दुकानदार और ठेला वाले फिर से वहीं काबिज हो जाते हैं।
​स्थानीय लोगों का कहना है: “जब तक प्रशासन अतिक्रमणकारियों पर भारी जुर्माना लगाने या ठोस कानूनी कार्रवाई जैसी सख्त नीति नहीं अपनाएगा, तब तक रोसड़ा को इस जाम से मुक्ति मिलना नामुमकिन है।

पर्व-त्योहार या सामान्य दिन, हर वक्त लोग यहाँ पीसने को मजबूर हैं।”
​अब देखना यह है कि अनुमंडल व स्थानीय प्रशासन इस गंभीर समस्या का कोई स्थाई समाधान निकाल पाता है या रोसड़ा की जनता यूं ही सड़कों पर घंटों हांफती रहेगी।

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