रोसड़ा स्थानीय गायत्री शक्ति पीठ, रोसड़ा में गायत्री जयंती एवं वंदनीय माता भगवती देवी के जन्मशताब्दी वर्ष के उपलक्ष्य में दो दिवसीय कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम की शुरुआत मंगलवार की संध्या में दीपयज्ञ से हुई, जिसका संचालन परिव्राजक विश्वनाथ दास ने किया।
बुधवार को श्रद्धालुओं द्वारा सामूहिक रूप से गायत्री मंत्र का जप किया गया तथा इसके उपरांत हवन-यज्ञ संपन्न कराया गया। इस अवसर पर वक्ताओं ने बताया कि गंगा दशहरा के पावन पर्व पर ही मां गायत्री का अवतरण हुआ था। मान्यता है कि इसी दिन वेदों का ज्ञान प्रकट हुआ। गायत्री मंत्र, जो पूर्व में मुख्यतः कर्मकांड करने वाले विद्वान ब्राह्मणों तक सीमित था,
उसे वेदमूर्ति तपोनिष्ठ पं. श्रीराम शर्मा आचार्य ने सामूहिक उपासना पद्धति के माध्यम से जन-जन तक पहुंचाने का कार्य किया।कार्यक्रम में मुख्य ट्रस्टी अरविंद प्रसाद, मामराज अग्रवाल, आनंद बजाज, मीरा पौद्दार, दीपक ठाकुर, ललिता देवी एवं नितेश सराफ सहित सैकड़ों श्रद्धालुओं ने भाग लिया। पूरे आयोजन का वातावरण श्रद्धा, भक्ति एवं आध्यात्मिक ऊर्जा से ओत-प्रोत रहा।
