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गुरु पूर्णिमा पर गायत्री शक्ति पीठ में पंचकुंडीय यज्ञ, हवन के माध्यम से अर्पित की गई गुरुदक्षिणा

अखिल विश्व गायत्री परिवार शांतिकुंज हरिद्वार के तत्वावधान में स्थानीय गायत्री शक्ति पीठ रोसड़ा में गुरु पूर्णिमा महोत्सव श्रद्धा और भक्ति के साथ मनाया गया। महर्षि वेदव्यास जयंती के पावन अवसर पर वेदमूर्ति तपोनिष्ठ पंडित श्रीराम शर्मा आचार्य को उनके शिष्यों ने पंचकुंडीय यज्ञ एवं हवन के माध्यम से सामूहिक रूप से गुरुदक्षिणा अर्पित की।कार्यक्रम में मुख्य यजमान के रूप में विवेक कुमार एवं पुष्पी ने यज्ञ में आहुति दी।

आचार्य आदित्य झा ने वैदिक मंत्रोच्चार के बीच यज्ञ एवं हवन संपन्न कराया। इस दौरान श्रद्धालुओं ने विश्व शांति, परिवार कल्याण और मानवता के मंगल की कामना करते हुए यज्ञ में आहुति अर्पित की।धार्मिक आयोजन के दौरान भजन-कीर्तन ने वातावरण को भक्तिमय बना दिया। हार्मोनियम पर नंद लाल ठाकुर एवं तबला पर नंद किशोर मालाकार ने दीपयज्ञ और हवन-पूजन के क्रम में परम पूज्य गुरुदेव पंडित श्रीराम शर्मा आचार्य तथा गायत्री माता के भजनों की मनमोहक प्रस्तुति दी।

जिससे श्रद्धालु भावविभोर हो उठे।गुरु पूर्णिमा के अवसर पर दर्जनों श्रद्धालुओं को विभिन्न प्रकार के दीक्षा संस्कार भी कराए गए। कार्यक्रम का संचालन गायत्री शक्ति पीठ के मुख्य ट्रस्टी अरविंद प्रसाद, दिलीप कुमार राय, मामराज अग्रवाल, आनंद बजाज, मीरा पौद्दार एवं राजकुमारी चौरसिया ने संयुक्त रूप से किया।
आयोजन के उपरांत विशाल भंडारे का आयोजन किया गया, जिसमें हजारों श्रद्धालुओं ने प्रसाद ग्रहण किया।

भंडारा व्यवस्था पत्रकार विकास रंजन एवं किड्स पाठशाला के प्राचार्य कुमार मणितेश्वर की देखरेख में आशीष वर्णवाल के नेतृत्व में संपन्न हुई।कार्यक्रम को सफल बनाने में ललिता वर्णवाल, मीना भगत, नीलम वर्णवाल, नितेश कुमार सर्राफ, गायत्री देवी, प्रभा मालाकार, प्रमोद कुमार साहू, दीपक ठाकुर, शिव कुमार पौद्दार, रामाश्रय भास्कर, ऋषि ठाकुर, व्रजेश कुमार, कुमार अंजन, आयुष कुमार, अभिषेक कुमार सहित विद्यालय के शिक्षकों एवं गायत्री परिवार के कार्यकर्ताओं ने भंडारा प्रसाद वितरण एवं अन्य व्यवस्थाओं में सक्रिय भूमिका निभाई। वहीं कृष्ण कुमार चौधरी, कृष्ण मोहन कर्ण सहित अन्य स्वयंसेवकों ने श्रद्धालुओं को व्यवस्थित रखने में महत्वपूर्ण योगदान दिया। पूरे आयोजन के दौरान गायत्री शक्ति पीठ परिसर श्रद्धा, भक्ति और आध्यात्मिक ऊर्जा से ओतप्रोत रहा।

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