रोसड़ा शहर में अवैध रूप से संचालित अल्ट्रासाउंड केंद्रों की जांच के दौरान प्रशासन ने बड़ी कार्रवाई करते हुए दो केंद्रों को सील कर दिया। भूमि सुधार उप समाहर्ता कंचन झा एवं प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी के संयुक्त नेतृत्व में हुई छापेमारी से अवैध रूप से स्वास्थ्य सेवाएं संचालित करने वाले संचालकों में हड़कंप मच गया।कार्रवाई के दौरान सेवा अल्ट्रासाउंड और ग्लोबल अल्ट्रासाउंड को तत्काल प्रभाव से सील कर दिया गया।
बताया गया कि समस्तीपुर के सिविल सर्जन को सूचना मिली थी कि रोसड़ा शहर स्थित अवैध रूप से संचालित अल्ट्रासाउंड केंद्र पर अवैध रूप से लिंग परीक्षण किया जाता है। सूचना की गंभीरता को देखते हुए जिला प्रशासन के निर्देश पर विशेष टीम का गठन किया गया।जैसे ही जांच टीम अल्ट्रासाउंड केंद्रों पर पहुंची, शहर में अवैध रूप से संचालित अल्ट्रासाउंड केंद्र, जांच घर एवं निजी क्लीनिक संचालकों के बीच हड़कंप मच गया। टीम ने संबंधित केंद्रों पर पहुंचकर पंजीकरण, संचालन एवं अन्य आवश्यक दस्तावेजों की जांच की।
अधिकारियों के अनुसार, जांच के दौरान दोनों केंद्रों के संचालक आवश्यक वैध कागजात प्रस्तुत नहीं कर सके। नियमों के उल्लंघन एवं लिंग परीक्षण से संबंधित शिकायत की जांच के बाद दोनों केंद्रों को तत्काल प्रभाव से सील कर दिया गया।अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि पीसीपीएनडीटी एक्ट के तहत भ्रूण के लिंग की जांच या लिंग परीक्षण करना प्रतिबंधित है। वहीं, बिना वैध पंजीकरण के अल्ट्रासाउंड केंद्र का संचालन भी गंभीर कानूनी उल्लंघन है। सील किए गए दोनों केंद्रों के संचालकों के खिलाफ नियमानुसार सख्त कानूनी कार्रवाई की प्रक्रिया शुरू की जा रही है।इधर, स्थानीय लोगों ने शहर में अवैध रूप से संचालित जांच घर, दवा दुकानों एवं निजी क्लीनिकों की भी जांच कराने की मांग की है।
लोगों का कहना है कि आपातकालीन स्थिति में मरीज और उनके परिजन कई बार गलत जगह पहुंच जाते हैं, जिससे उन्हें आर्थिक शोषण का सामना करना पड़ता है। साथ ही, मरीजों को अपेक्षित एवं गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सुविधा भी नहीं मिल पाती है। शहर में संचालित सभी निजी स्वास्थ्य प्रतिष्ठानों की नियमित जांच कराने तथा नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ कार्रवाई करने की मांग की है।
