रोसड़ा अनुमंडलीय अस्पताल में पिछले करीब 20 दिनों से जिंदगी और मौत के बीच संघर्ष कर रही अज्ञात महिला ने शनिवार को इलाज के दौरान दम तोड़ दिया। करीब 20 दिन पूर्व सड़क हादसे में गंभीर रूप से घायल अवस्था में महिला को स्थानीय लोगों की मदद से अस्पताल में भर्ती कराया गया था। हादसे के बाद से ही वह अस्पताल में उपचाराधीन थी, लेकिन तमाम प्रयासों के बावजूद उसकी जान नहीं बचाई जा सकी।
अस्पताल प्रशासन के अनुसार, महिला की पहचान घटना के बाद से ही नहीं हो सकी थी। उसके पास से ऐसा कोई स्पष्ट दस्तावेज या पहचान संबंधी जानकारी नहीं मिली, जिससे उसके परिजनों का पता लगाया जा सके। इस दौरान अस्पताल के उपाधीक्षक डॉ. मनीष कुमार और चिकित्सा कर्मियों ने मानवीय संवेदना दिखाते हुए महिला के इलाज और देखभाल में पूरी तत्परता बरती। चिकित्सकों की निगरानी में लगातार उसका उपचार किया जा रहा था।
शनिवार को इलाज के दौरान महिला की मौत हो गई। महिला की मौत की सूचना मिलते ही अस्पताल प्रबंधन ने तत्काल रोसड़ा अनुमंडल पदाधिकारी और रोसड़ा थाना पुलिस को जानकारी दी। सूचना मिलने पर रोसड़ा थानाध्यक्ष लालबाबू कुमार पुलिस टीम के साथ अनुमंडलीय अस्पताल पहुंचे।पुलिस ने अस्पताल पहुंचकर आवश्यक कागजी प्रक्रिया पूरी की और शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए सदर अस्पताल, समस्तीपुर भेज दिया। पुलिस अब महिला की पहचान कराने के प्रयास में जुटी है।
हादसे के करीब 20 दिन बाद भी मृतका की पहचान नहीं हो पाना पुलिस के लिए चुनौती बना हुआ है। पुलिस आसपास के थाना क्षेत्रों और संभावित इलाकों में महिला की तस्वीर एवं हुलिए के आधार पर पहचान कराने का प्रयास कर रही है। पुलिस का कहना है कि पहचान होने के बाद ही उसके परिजनों तक सूचना पहुंचाई जा सकेगी। अस्पताल प्रबंधन और पुलिस प्रशासन की ओर से भी लोगों से अपील की गई है कि यदि कोई व्यक्ति महिला को पहचानता हो या उसके संबंध में कोई जानकारी रखता हो तो रोसड़ा थाना अथवा अनुमंडलीय अस्पताल से संपर्क करे।

