बिहार स्वास्थ्य सेवा संघ के आह्वान पर चिकित्सकों के अनिश्चितकालीन हड़ताल पर चले जाने का असर रोसड़ा अनुमंडलीय अस्पताल में भी देखने को मिल रहा है। डॉक्टरों के कार्य बहिष्कार के कारण अस्पताल की नियमित चिकित्सा सेवाएं प्रभावित हुई हैं। इससे इलाज के लिए अस्पताल पहुंचने वाले मरीजों और उनके परिजनों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।बिहार स्वास्थ्य सेवा संघ के बैनर तले चिकित्सकों ने सुरक्षा समेत विभिन्न मांगों को लेकर अनिश्चितकालीन हड़ताल शुरू की है।
चिकित्सकों की प्रमुख मांगों में अस्पतालों एवं चिकित्सा परिसरों में स्वास्थ्यकर्मियों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए कड़ा सुरक्षा कानून लागू करना शामिल है। इसके अलावा नियमित रूप से वेतन का भुगतान करने और लंबित बकाया राशि का तत्काल भुगतान करने की मांग की गई है।चिकित्सकों ने बायोमेट्रिक उपस्थिति व्यवस्था तथा सुबह 10 बजे से शाम 5 बजे तक ड्यूटी से संबंधित विभागीय आदेश को वापस लेने की भी मांग की है।
वहीं, चिकित्सकों के रिक्त पदों पर योग्य कर्मियों की बहाली करने और अस्पतालों में मरीजों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधा उपलब्ध कराने के लिए आवश्यक संसाधन मुहैया कराने की मांग भी संघ की ओर से उठाई गई है।चिकित्सकों का कहना है कि जब तक उनकी मांगों पर सरकार की ओर से ठोस कार्रवाई नहीं की जाती, तब तक आंदोलन जारी रहेगा।
अस्पताल परिसर में लगाए गए पोस्टरों और संघ के बयानों से भी हड़ताल के प्रति चिकित्सकों के रुख की जानकारी मिल रही है।इधर, डॉक्टरों के हड़ताल पर रहने से दूर-दराज के क्षेत्रों से रोसड़ा अनुमंडलीय अस्पताल पहुंचे मरीजों को काफी परेशानी हो रही है। कई मरीजों को उपचार के लिए वैकल्पिक व्यवस्था तलाशनी पड़ रही है। हड़ताल कितने समय तक चलेगी, यह सरकार और संघ के बीच होने वाली बातचीत तथा मांगों पर कार्रवाई पर निर्भर करेगा।

