रोसड़ा प्रखंड में शुद्ध पेयजल संकट, पंचायतों में तरस रहे लोग, प्रखंड मुख्यालय में हो रही पानी की बर्बादी

SAMASTIPUR :- रोसड़ा प्रखंड क्षेत्र के कई पंचायतों में शुद्ध पेयजल की गंभीर समस्या बनी हुई है। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के ड्रीम प्रोजेक्ट हर घर नल का जल योजना के तहत प्रत्येक परिवार को शुद्ध पेयजल उपलब्ध कराने का लक्ष्य निर्धारित किया गया था, लेकिन जमीनी हकीकत इससे अलग नजर आ रही है। कई पंचायतों में नल-जल योजना के तहत नियमित रूप से शुद्ध पानी की आपूर्ति नहीं हो पाने के कारण लोगों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।

ग्रामीण क्षेत्रों में कहीं नल से पानी नहीं आ रहा तो कहीं लंबे समय से योजना ठप पड़ी हुई है। महिलाओं, बुजुर्गों और बच्चों को दूर-दराज के स्रोतों से पानी लाने को मजबूर होना पड़ रहा है। स्थानीय लोगों का कहना है कि कई बार शिकायत करने के बावजूद समस्या का स्थायी समाधान नहीं हो पा रहा है।वहीं दूसरी ओर, रोसड़ा प्रखंड मुख्यालय परिसर में शुद्ध पेयजल की खुलेआम बर्बादी देखी जा रही है। प्रखंड कार्यालय परिसर में लगे पाइप से लगातार शुद्ध पानी बह रहा है, जो नालियों में जाकर बर्बाद हो रहा है।

हैरानी की बात यह है कि इसी परिसर में प्रखंड स्तरीय सभी पदाधिकारियों का नियमित आना-जाना होता है, इसके बावजूद इस गंभीर समस्या पर अब तक कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया है।पेयजल की बर्बादी को लेकर संबंधित पदाधिकारियों की अनदेखी पर सवाल उठने लगे हैं। जब एक ओर पंचायतों में लोग शुद्ध पानी के लिए परेशान हैं, वहीं दूसरी ओर सरकारी परिसर में नल-जल योजना के तहत उपलब्ध शुद्ध पानी का इस तरह से व्यर्थ बहना योजना की मंशा पर प्रश्नचिह्न खड़ा करता है। 

नल-जल योजना की समीक्षा कर पंचायतों में जलापूर्ति व्यवस्था को दुरुस्त किया जाए, साथ ही प्रखंड मुख्यालय परिसर में हो रही शुद्ध पेयजल की बर्बादी को तत्काल रोका जाए, ताकि योजना का लाभ वास्तव में जरूरतमंदों तक पहुंच सके। पानी की बर्बादी रोकने के लिए सरकार के द्वारा खर्च कर जागरूकता अभियान चलाया जा रहा लेकिन पदाधिकारी के कार्यालय परिसर में हो रही शुद्ध जल की बर्बादी।

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