


पटना/रोसड़ा: रोसड़ा प्रखंड के बैजनाथपुर स्थित प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र की बदहाली और इसके परिसर पर हुए अतिक्रमण का मामला अब बिहार विधानसभा की दहलीज तक पहुंच गया है। स्थानीय विधायक वीरेंद्र कुमार ने सदन में इस मुद्दे को प्रमुखता से उठाते हुए सरकार से अविलंब हस्तक्षेप की मांग की है।

प्रमुख समस्या: अतिक्रमण और जर्जर व्यवस्था
विधायक ने सदन को अवगत कराया कि बैजनाथपुर और आसपास की दर्जनों पंचायतों की बड़ी आबादी इस केंद्र पर निर्भर है। लेकिन वर्तमान में यह केंद्र खुद ‘बीमार’ है।
अतिक्रमण: स्वास्थ्य केंद्र की जमीन पर अवैध कब्जे के कारण सेवाओं के विस्तार में बाधा आ रही है।

भवन की स्थिति: पर्याप्त कमरे और साफ-सफाई के अभाव में मरीजों को खुले में या असुविधाजनक स्थिति में इलाज कराना पड़ता है।
संसाधनों की कमी: दवा भंडारण और मरीजों के बैठने की कोई समुचित व्यवस्था नहीं है।
डॉक्टरों की कमी से बढ़ रही परेशानी
सदन में चर्चा के दौरान यह बात सामने आई कि डॉक्टरों और स्वास्थ्य कर्मियों (ANM, नर्स, लैब टेक्नीशियन) की भारी कमी के कारण ग्रामीणों को इलाज के लिए निजी क्लीनिकों की शरण लेनी पड़ती है। गरीब परिवारों के पास रोसड़ा अनुमंडल अस्पताल या जिला मुख्यालय समस्तीपुर जाने के अलावा कोई विकल्प नहीं बचता, जिससे उनका समय और पैसा दोनों बर्बाद होता है।



विधायक वीरेंद्र कुमार की सरकार से मुख्य माँगें:
स्वास्थ्य केंद्र परिसर को अतिक्रमण मुक्त कराया जाए।
नए आधुनिक भवन का निर्माण या वर्तमान ढांचे का जीर्णोद्धार हो।
स्थायी रूप से चिकित्सकों और पैरामेडिकल स्टाफ की नियुक्ति की जाए।
प्रसूति सेवाओं (Maternity Services) और जांच उपकरणों की उपलब्धता सुनिश्चित हो।
ग्रामीणों में जगी उम्मीद
विधायक द्वारा विधानसभा में आवाज उठाए जाने के बाद स्थानीय ग्रामीणों में खुशी की लहर है। लोगों का कहना है कि यदि स्वास्थ्य केंद्र की स्थिति सुधरती है, तो क्षेत्र के हजारों लोगों को बेहतर और सुलभ स्वास्थ्य सुविधा मिल सकेगी। अब सबकी नजरें सरकार के जवाब और धरातल पर होने वाली कार्रवाई पर टिकी हैं।

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