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आवश्यक वस्तुओं की हो रही कालाबाजारी, जमाखोरों पर नियंत्रण नहीं। दवा, दूध , सब्जियों, खाद्य सामग्री की वसूल रहे ज्यादा कीमत। झोलाछाप डॉक्टर भी हो गए हैं सक्रिय।

बलवंत कुमार चौधरी (बेगूसराय)

 

छौड़ाही के एक खाद्यान्न दुकान पर छापेमारी करते अधिकारी और पुलिस बल।

बेगूसराय जिला प्रशासन द्वारा जारी लेट लिस्ट

 

(बेगूसराय) : कोरोना महामारी के तीव्र विस्तार को देखते हुए इलाके में धारा 144 लागू कर दी गई है। लॉकडाउन के आदेश के अनुपालन हेतु दवा खाद्य पदार्थ सब्जी आदि की दुकानों को छोड़ सभी तरह की दुकान प्रशासन ने बंद करवा दिया है। सड़कें भी सील कर दी गई हैं। जो आम लोगों की जानमाल की हिफाजत के लिए अति आवश्यक है। लोग इसका पालना भी कर रहे हैं। लेकिन कफन में भी जेब का जुगाड़ कर लेने वाले जमाखोरों, कालाबाजारी मानव जाति पर आए इस सबसे बड़े संकट के समय भी पैसा बनाने की जुगत में लग गए हैं। कई गैर मेडिकल अधिकारी भी अवैध रुपए अर्जित करने के कोई मौके छोड़ नहीं रहे हैं। जिससे आम लोगों को आवश्यक वस्तुओं की ज्यादा कीमत चुकानी पड़ रही है। वहीं आम लोगों के जीवन के साथ भी खिलवाड़ हो रहा है। हालांकि प्रशासन सभी मामलों पर कड़ी नजर रखते हुए सभी व्यवस्था को जल्द दुरुस्त कर लेने का दावा कर रही है। बुधवार को एसडीएम मंझौल दुर्गेश कुमार, डीएसपी सुर्यदेव कुमार, इंस्पेक्टर वीभा कुमारी, अंचलाधिकारी छौड़ाही सुमंतनाथ ने कई दुकानों पर छापेमारी कर उचित मूल्य में सामान बेचने की हिदायत दुकानदारों को दी।
अंचलाधिकारी सुमंतनाथ ने कहा प्रशासन द्वारा सामानों का रेल लिस्ट जारी किया गया है। उससे ज्यादा कीमत वसूली की शिकायत पर दुकान सील करने के साथ प्राथमिकी दर्ज कर दुकानदारों को जेल भेज दिया जाएगा।
वसूल रहे सामान का मनमाना दाम : गांव से शहर तक दवा दूध सब्जियों और खाद्य पदार्थ की दुकान को छोड़ सभी तरह के दुकानें बंद हैं। चाय पान की दुकान तक का शटर डाउन है। छौड़ाही बाजार के आलोक कुमार बताते हैं कि लोग घरों में समय व्यतीत कर कोरोनावायरस से बचने हेतु भगवान की प्रार्थना कर रहे हैं। लेकिन, भूखे पेट भजन न होय गोपाला। जब पेट भरने को बिस्किट मेगी आटा दाल चावल चीनी चायपत्ती आदि लेने दुकान जाते हैं तो सभी चीजों का दाम ज्यादा चुकाना पड़ रहा है। दुकानदार कहते हैं कि मुख्य बाजारों से आवश्यक वस्तु गांव देहात तक नहीं पहुंच पा रही है। जिसका फायदा जमाखोरों व कालाबाजारी है उठा रहे हैं।
बताते हैं कि साधारण और सर्जिकल मास्क 50 से 60 रुपये में, छोटा हैंडवॉश 65 से 80 रुपये में, पांच रुपये बाला बिस्कुट 10 रुपये में, मैगी 5के बदले 10 रुपये में, 100 ग्राम वाली चायपत्ती 65 रुपये में, चीनी रुपये 55 रुपये कीलो में मिल रहा है। इसके अलावे आटा, दाल ,चावल के दाम में भी डेढ़ गुणा बढ़ोत्तरी दुकानदारों ने कर दी है। दूसरी तरफ झोलाछाप डॉक्टर भी गांव गांव में सक्रिय हो गए हैं। यह आम सर्दी, जुकाम, बुखार से पीड़ित लोगों को कोरोना का भय दिखा दवा का मनमाना दाम वसूल रहे हैं। इन झोलाछाप डॉक्टरों के कई घरों में जा लगातार लोगों से संपर्क में रहने के कारण कोरोना वायरस के फैलने की भी संभावना लोग जता रहे हैं। क्योंकि पीड़ित ज्यादा लोगों में परदेश से आए लोग शामिल हैं। लोगों ने प्रशासन से इलाके के दवा व खाद्य व किरान सामान की दुकान पर कर्मचारियों को तैनात कर उचित मुल्य में इन सामानों को आम लोगों तक उपलब्ध करवाने की मांग की है।
सरकारी कर्मी भी पीछे नहीं : विदेश में सऊदी अरब, बांग्लादेश, नेपाल, दुबई आदि तो अपने देश के नोएडा, बैंगलोर, गोवा, दिल्ली, केरल, कोलकाता आदि जगहों से विगत दस दिन में प्रखंड के 600 से ज्यादा लोग अपने गांव आए हैं। जिनका कोरोना संक्रमण जांच किया जा रहा है। लेकिन, पीएचसी छौड़ाही में मंगलवार को एक भी सेनिटाइजर, हैंडवॉश, मास्क उपलब्ध नहीं था। अस्पताल आ रहे संदिग्ध मरीज बिना हाथ साफ किए व बिना मास्क के इलाज कराने को मजबूर हैं। जबकि प्रशासन प्रयाप्त सामाग्री होने की बात कह रही है। बैजंती देवी, सुमित्रा देवी, नवल कुमार कहते हैं कि स्वास्थ्य प्रबंधक से सेनेटाइजर और मास्क देने को कहे तो उन्होंने कहा यह शहर नहीं गांव का अस्पताल है। यह सब बाहर दुकान में मिलता है वही जा कर लीजिए।
पीएससी प्रभारी डॉक्टर कमलेश कुमार बताते हैं कि सभी सामान खत्म हो चुका है। जिला को अवगत करा दिया गया है। आने के बाद सुविधा उपलब्ध हो पाएगा।

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