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कोशी में जलस्तर वृद्धि होने के कारण ग्रामीण इलाके के ग्रामीण क्षेत्रों में बाढ़ के पानी बढ़ने से किसानों के धान के फसल डुब गया।

राजकमल कुमार की रिपोर्ट ।

बेलदौर प्रखंड क्षेत्र मे कोशी में जलस्तर वृद्धि होने के कारण ग्रामीण इलाके के ग्रामीण क्षेत्रों में बाढ़ के पानी बढ़ने से किसानों के धान के फसल डुब गया। मालूम हो कि कुर्बन पंचायत के बगड़ा, ददरोजा के दक्षिणी भाग में कोशी के जलस्तर बढ़ने से मधेपुरा के सीमावर्ती क्षेत्र से बाढ़ पानी के दबाव कारण किसानों के खेत में बाढ़ पानी प्रवेश करने से किसान के रोपाई धान के फसल गलने से धान के फसल के बीज नुकसान हो गए हैं। वही किसान लखन मुनि, नरसिंह शर्मा, दिवाकर शर्मा रामचंद्र शर्मा ,जयजय राम शर्मा, दिलखुश मुनि ने बताया कि पहले हम किसान लोगों को बाढ़ एवं यास तूफान ने मक्के की फसल में कमर तोड़ कर रख दी है। हम किसान लोग मेहनत मजदूरी एवं महाजन से कर्ज उधार लेकर खेत में धान रोपाई कार्य करते हैं जो कोशी के जलस्तर में वृद्धि होने के कारण हम लोगों के धान के फसल गल चुके हैं। वही एक एकड़ खेती करने में करीब 15 हजार रुपैया खर्च होता है जो किसान अपने खेत में धान रोपाई कर दिए हैं। उन लोगों के धान के फसल गल चुके हैं। वहीं कुर्बन पंचायत के सैकड़ों एकड़ खेत बाढ़ के पानी से फसल बर्बाद हो चुके हैं।

वहीं कई किसान के जुताई की जमीन ऊपरी भाग में रहने के कारण उन लोगों के खेत में बाढ़ का पानी प्रवेश नहीं किया है निचले क्षेत्र रहने के कारण हम लोगों के खेत में पानी होने से नुकसान हुई है। हम लोगों की मांग है कि फसल छाती पूर्ति की मुआवजा दिया जाय। वही इतमादि पंचायत के बारूण गांव से सटे बांध कटने की कगार पर है। वही ग्रामीणों ने बताया कि यदि 1 से 2 दिन के अंदर उक्त बांध के समीप कटाव निरोधक कार्य नहीं किया जाएगा तो बांध को कटने से कोई नहीं रोक सकता है। यदि जमीन दारी बांध बारुण गांव के समीप कटा तो भयावह स्थिति उत्पन्न हो सकती है। वही सरकार के द्वारा करीब 10 दिन पूर्व कटाव निरोधक कार्य किया गया जो कटने की कगार पर है। उक्त गांव के ग्रामीण डरे सहमे हुए हैं।

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