ग्रामीण शिक्षा में विकास लाने के लिए मंगलुरू के हरेकाला हजब्बा को पद्मश्री पुरस्कार से किया गया सम्मानित।

निशा सिंह रिपोर्टर

कर्नाटक के संतरा विक्रेता हरेकाला हजब्बा को सामाजिक कार्यों के लिए सम्मानित किया गया। 66वर्षीय हजब्बा को सोमवार को भारत के राष्ट्रपति द्वारा नई दिल्ली में राष्ट्रपति भवन में भारत का दूसरा सर्वोच्च नागरिक पुरस्कार पद्म श्री पुरस्कार मिला। बता दें कि उनके पास स्वयं कोई स्कूली शिक्षा नहीं थी, लेकिन उनको कर्नाटक के मंगलुरू गांव के स्कूल का निर्माण करके ग्रामीण शिक्षा में विकास लाने के लिए पद्मश्री पुरस्कार से सम्मानित किया गया। हरेकला हजब्बा एक भारतीय सामाजिक कार्यकर्ता और नारंगी विक्रेता हैं, जो भारत के कर्नाटक राज्य के मंगलुरु शहर में रहते हैं और काम करते हैं। उन्होंने अपने गांव में एक स्कूल बनाने के लिए अपने व्यवसाय से पैसे बचाए। स्कूल बनाने का उनका सपना दो दशक बाद ही साकार हुआ।

उन्होंने कर्नाटक के मंगलुरू गांव में सरकारी प्राथमिक विद्यालय और हाईस्कूल का निर्माण किया। सोशल मीडिया के माध्यम से मिली जानकारी के अनुसार, हजब्बा अनपढ़ हैं और कभी स्कूल नहीं गए। वह 1977 से मंगलुरू बस डिपो में संतरा बेचते थे और अपने गांव में शिक्षा में विकास लाने की इच्छा उनके मन में 1978 में तब आई जब एक विदेशी ने उनसे संतरे की कीमत पूछी, चूँकि वह विदेशी के साथ संवाद नहीं कर सके तो उन्हें बुरा लगा।

तब उन्होंने गांव में एक स्कूल बनाने का फैसला किया। बता दें कि उन्होंने करीबन 20 से अधिक छात्रों के साथ स्कूल शुरू किया और अब कक्षा 10 तक 150 से अधिक छात्र पढ़ रहे हैं।

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