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परोड़ा पंचायत के आंगनबाड़ी सेविका बहाली में गड़बड़ी पर हुई सुनवाई, तीन वर्ष से रुकी हुई है बहाली, वरिय अधिकारी के आदेश पर हो रही सुनवाई।

विनोद शर्मा की रिपोर्ट।
 छौड़ाही (बेगूसराय) : छौड़ाही प्रखंड क्षेत्र के परोड़ा पंचायत के वार्ड नंबर आठ में तीन वर्ष यानी अप्रैल 2019 से पहले प्रारंभ हुई आंगनबाड़ी सेविका बहाली की प्रक्रिया आज तक पूरी नहीं हो पाई है । बहाली से दरकिनार कर दिए गए आवेदक को तो दो वर्ष बाद मेधा सूची में पुनः प्रथम स्थान दिया गया। परंतु, अभी तक उनकी बहाली नहीं हो सकी है। वरीय अधिकारीगण को दिए गए आवेदन के बाद सोमवार को सीडीपीओ कार्यालय छौड़ाही में सभी संबंधित पक्षों की बाल विकास परियोजना पदाधिकारी के समक्ष सुनवाई प्रारंभ हुई।

सुनवाई में अपना पक्ष रखते हुए आवेदक हाजरा खातून पति मो. असगर का कहना था कि वह छौड़ाही प्रखंड क्षेत्र के परोड़ा पंचायत के वार्ड संख्या आठ स्थित आंगनबाड़ी केंद्र संख्या 125 के सेविका बहाली हेतु अभ्यार्थी हैं। प्रखंड बाल विकास परियोजना पदाधिकारी छौड़ाही द्वारा मेधा सूची में अतिरिक्त नंबर जोड़कर अतिरिक्त नंबर का मेघा सूची तैयार किया गया। जो, सेविका सहायिका चयन मार्गदर्शिका 2019 के विरुद्ध है। उनके द्वारा लिखित विरोध करने पर भी मेधा सूची का सुधार नहीं किया गया। लेकिन, मेरी जाति प्रमाण पत्र पर आपत्ति जताई गई कि आपके जाति प्रमाण पत्र में पिता की जगह पति का नाम है। जिसके लिए उन्हें 27 मई 2022 को आम सभा में उपस्थित कार्यालय कर्मी चंद्र भूषण कुमार द्वारा 15 दिनों का समय कार्यालय में अपना जाति प्रमाण पत्र जमा करने के लिए दिया गया।

हाजरा खातून का कहना था कि वह अपना जाति प्रमाण पत्र लेकर कार्यालय गई, लेकिन, प्रमाण पत्र लेने से इनकार कर दिया गया।वह कार्यालय का चक्कर लगाते रही लेकिन उनके पिता के जाति को स्वीकार नहीं किया गया। वह इस संबंध में वरीय पदाधिकारी को आवेदन दे चुकी हैं।
आवेदन हाजरा खातून का कहना है कि बाल विकास परियोजना पदाधिकारी द्वारा आज सुनवाई हेतु बैठक बुलाई गई। जिसमें मुझे स्पष्ट रूप से कहा गया कि आप अंक के आधार पर एक नंबर पर हैं। लेकिन आपकी जाति में गड़बड़ी के कारण द्वितीय अभ्यार्थी रुबैदा खातून पति मो0 रसूल का चयन किया जाएगा। जो कहीं से उचित नहीं हैं । विरोध करने पर कहा गया कि आपको जो करना है करिए। हम आपको जाति के आधार पर चयन पत्र नहीं देंगे ।जबकि मेरा मायके और ससुराल छौड़ाही प्रखंड में है और वह अत्यंत पिछड़ी जाति की है। जो मेरे दोनों जाति प्रमाण पत्र में स्पष्ट अंकित है। इससे पता चलता है कि मेरे साथ कहीं ना कहीं धोखाधड़ी की जा रही है।
 दूसरी तरफ, आंगनबाड़ी इस आंगनबाड़ी केंद्र संख्या 125 पर पहले पूनम रानी का चयन सेविका पद पर कर केंद्र संचालित कर दिया गया।आम सभा के कार्यवाही में प्रमाण पत्र में गड़बड़ी पाए जाने पर द्वितीय स्थान प्राप्त हाजरा खातून के चयन की बात दर्शाई गई है। तीन माह बाद पूनम रानी ने प्रमाण पत्र प्रस्तुत करने के बदले त्यागपत्र दे दिया। लेकिन हाजरा खातून की बहाली नहीं हुई। फिर तीसरे दावेदार रुबैदा खातून ने सेविका पद पर दावा ठोक दिया। हाजरा खातून इसी बात को ले प्राधिकार में वाद दायर कर दी। जिसकी आज अंतिम सुनवाई हुई।

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