कार्यालय किसान कृषि विभाग कृषि समन्वयक न्यूज बिहार भारत रोसड़ा समस्तीपुर

कड़ाके की धूप में दूरदराज से किसान पहुंचते हैं कृषि कार्यालय, कार्यालय में कृषि समन्वयक सोकर व ताश खेलकर करते हैं ड्यूटी पूरा,बेरंग लौट रहे हैं किसान।

समस्तीपुर जिले के रोसड़ा प्रखंड कृषि कार्यालय कृषि समन्वयक काम के जगह कार्यालय में सोकर वो ताश खेलकर पूरा करते हैं ड्यूटी। बताया जा रहा है कि रोसड़ा प्रखंड कृषि कार्यालय में आज एक किसान कृषि कार्यालय फसल से संबंधित जानकारी लेने हेतु पहुंचे जहां कार्यालय में कृषि समन्वयक ड्यूटी आवर में कई तो घर की तरह कपड़े खोलकर रखें टेबल कुर्सी पर ही सोए हुए थे तो कई ताश खेलने में मगन देखें । किसान कृषि कार्यालय से बिना जानकारी लिए बेरंग लौटे शहर के एक चाय दुकान पर उन्होंने अपनी बातों को लोगों के बीच रखे कहा कि तपती धूप में मैं अपने घर से कृषि कार्यालय रोसड़ा पहुंचे लेकिन कार्यालय में कार्यरत कृषि समन्वयक कई सोए हुए थे तो कई ताश खेलने में मगन थे इस बात को सुनकर स्थानीय लोगों ने कार्यालय के योग पहुंचकर देखे तो किसान की बात सत्य हुई जिसे मोबाइल के कैमरे में तस्वीर को कैद कर लिया और सोशल मीडिया पर वायरल कर दिया।

फोटो में दिख रहे हैं कृषि समन्वयक विजय शंकर कुमार व बालमुकुंद राय सोए अवस्था में दिख रहे हैं वही राम कृपाल दास, संतोष कुमार राय ,महेश दास एवं अन्य कृषि समन्वयक ताश खेलते दिख रहे हैं।

जब सोशल मीडिया पर फोटो वायरल हुआ तो किसानों ने अपनी अपनी प्रतिक्रिया देना प्रारंभ किया जिसमें एक किसान ने दूरभाष पर जानकारी दिया कि मेरी पहचान को गुप्त रखा जाए उन्होंने बताया कि अभी खरीफ फसल योजना में सरकार द्वारा बीज में छूट दिया जा रहा है लेकिन रोसरा प्रखंड कृषि कार्यालय में कृषि समन्वयक द्वारा ₹27 पर किलो धान की बीज दिया जा रहा है हालांकि सरकार द्वारा खरीफ फसल योजना में जैसे धान कि बीज 15 से ₹20 पर किलो किसान को उपलब्ध करवाती है वहीं कृषि समन्वयक द्वारा इस योजना में लूट मचा रखी है किसानों को ₹27 पर किलो धान का बीज दे रही है यह एक दो नहीं बल्कि दर्जनों भर से ऊपर किसानों ने कृषि समन्वयक पर आरोप लगाया साथ ही किसानों ने अभी बताया कि कृषि समन्वयक द्वारा धमकी दिया जा रहा है कि अगर आप धान का बीज नहीं लिए तो आपको डीजल अनुदान नहीं दिया जाएगा हालांकि विभाग के सभी योजना के धांधली शुरू से जारी है चाहे किसान रजिस्ट्रेशन हो या फसल बीमा योजना हो चाहे डीजल अनुदान या फिर खाद बीज से संबंधित हो

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