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शब्दाक्षर के आओ सखी सावन महोत्सव, सावन के गीतों पर झूम उठीं सखियाँ।

 

धीरज गुप्ता की रिपोर्ट
गया राष्ट्रीय साहित्यिक संस्था शब्दाक्षर की जहानाबाद इकाई द्वारा “आओ सखी सावन महोत्सव” का भव्य आयोजन जिलाध्यक्ष सावित्री सुमन के समन्वयन और संयोजन में किया गया, जिसमें हरे-हरे सुंदर परिधानों में सुसज्जित सखियों ने सावन पर एक से बढ़कर एक गीतों की सुमधुर प्रस्तुतियाँ दीं। कार्यक्रम में बतौर मुख्य अतिथि शब्दाक्षर की राष्ट्रीय प्रवक्ता- सह -प्रसारण प्रभारी प्रो. डॉ रश्मि प्रियदर्शनी की गौरवमयी उपस्थिति रही है। जिलाध्यक्ष सुमन ने राष्ट्रीय प्रवक्ता डॉ रश्मि का स्वागत अंगवस्त्रम तथा फूलों का पौधा देकर किया है। वहीं डॉ रश्मि ने भी  सुमन तथा शब्दाक्षर जहानाबाद जिला उपाध्यक्ष महेश कुमार मधुकर को क्रमशः करी एवं शमी का पौधा देकर कार्यक्रम के दिग्दर्शक शब्दाक्षर के राष्ट्रीय अध्यक्ष रवि प्रताप सिंह, शब्दाक्षर बिहार प्रदेश अध्यक्ष मनोज कुमार मिश्र एवं समस्त शब्दाक्षर परिवार की ओर से इस अत्यंत सुंदर सावनी आयोजन के लिए हार्दिक शुभकामनाएं दीं है।

राष्ट्रीय प्रवक्ता डॉ रश्मि ने सखियों से शब्दाक्षर से जुड़े रहने का आग्रह करते हुए कहा कि साहित्य, संस्कृति तथा प्रकृति के संरक्षण में महिलाओं की भागीदारी अत्यंत महत्वपूर्ण होती है क्योंकि उनके भीतर स्वाभाविक रूप से करुणा, मातृत्व एवं देशभक्ति की उमंग होती है। इस कार्यक्रम का संचालन सुप्रिया गुप्ता ने किया है।महोत्सव में कुसुम देवी, सोनी पाण्डेय, राखी देवी, नंदनी कुमारी, मोनी, मीठी, रानी कुमारी, गुड़िया कुमारी, मोनी देवी, इंदु देवी, मीनू साह, पुष्पा देवी, नवोदित कवियत्री कुमारी अंजलि, सरिता देवी, संगीता देवी, पिंकी देवी, अनीता देवी, प्रभा देवी, रीना ने सावन पर सुमधुर गीत गाये तथा कुछ ने मनमोहक नृत्य भी किये। शब्दाक्षर जहानाबाद जिलाध्यक्षा सुमन ने सभी प्रतिभागी सखियों एवं नन्हे-मुन्हे बच्चों को रंग-बिरंगे छोटे-छोटे सुंदर गमलों में लगे तुलसी, नागफनी, क्रोटोन व सजावटी पुष्पों के पौधे सम्मान स्वरूप दिये, जिससे सारा कार्यक्रम स्थल ही सावनमय हो उठा है। 

मुख्य अतिथि शब्दाक्षर राष्ट्रीय प्रवक्ता डॉ रश्मि द्वारा प्रस्तुत लोकप्रिय स्वरचित कविता “सुनो सहेली सावन आया, मनमोहक मनभावन आया, नहीं रही गर्मी पहले सी, मौसम यह अति पावन आया, घिर आये बादल चहुँओर, शीतल पवन मचाये शोर, इंद्रधनुष अंबर में छाया” की प्रस्तुति पर सभी सखियाँ थिरक उठीं। सावित्री सुमन ने भी सावन पर स्वरचित भावपूर्ण गीत “सावन की रिमझिम बूंदों में, तन-मन में है आग पिया। ऐसे मौसम में, तुम हो जाके बसे परदेस पिया..” गाया। तालियों से आयोजन स्थल गूंज उठा है। महोत्सव में सखियों ने सावन के गीतों पर रैंप वॉक भी किया है।

अमन, मीठी, खुशी आदि बच्चों ने भी सावन का महीना पवन करे शोर जैसे गीतों की प्रस्तुतियाँ दीं।कार्यक्रम का सीधा प्रसारण शब्दाक्षर केन्द्रीय पेज से किया गया है।जिससे शब्दाक्षर के राष्ट्रीय अध्यक्ष रवि प्रताप सिंह, राष्ट्रीय कोषाध्यक्ष दयाशंकर मिश्र, राष्ट्रीय सचिव सुबोध कुमार मिश्र, राष्ट्रीय उपसचिव सागर शर्मा आजाद, बिहार प्रदेश अध्यक्ष मनोज कुमार मिश्र, गोवा प्रदेश अध्यक्ष वंदना चौधरी, झारखंड प्रदेश मीडिया प्रभारी अश्विनी कुमार, शब्दाक्षर जहानाबाद के जिला उपाध्यक्ष महेश कुमार मधुकर, पंडित बालकृष्ण, बिट्टू जैन, सुधा द्विवेदी सहित अनेक दर्शक लगातार जुड़े रहे और प्रतिभागियों का उत्साहवर्द्धन करते रहे।

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