


रोसड़ा/समस्तीपुर: “सबकी खबर आठों पहर, न्यूज़ का असर” के माध्यम से मानवता को गौरवान्वित करने वाली एक खबर सामने आई है। रोसड़ा रेलवे स्टेशन पर सेवा और समर्पण की एक ऐसी कहानी लिखी गई, जिसने यह साबित कर दिया कि आज भी इंसानियत जिंदा है।
क्या है पूरा मामला? करीब चार दिन पहले रोसड़ा रेलवे स्टेशन पर एक 60 वर्षीय वृद्ध अचानक बेहोश होकर गिर पड़े। पास ही मजदूरी कर रहे सनातन कुमार की नजर उन पर पड़ी। उन्होंने बिना समय गंवाए रेलवे पुलिस के एसआई श्रवण कुमार यादव के सहयोग से वृद्ध को अनुमंडलीय अस्पताल रोसड़ा में भर्ती कराया। इलाज के लिए समस्तीपुर से दरभंगा तक का सफर

वृद्ध की गंभीर स्थिति को देखते हुए डॉक्टरों ने उन्हें पहले सदर अस्पताल समस्तीपुर और फिर वहां से DMCH दरभंगा रेफर कर दिया। सनातन कुमार और पुलिसकर्मी ने हार नहीं मानी और उन्हें दरभंगा लेकर पहुंचे।

https://www.sabkikhabar.net/2026/02/02/आस्था-का-महापर्व-बिथान-के/


निजी खर्च पर इलाज: सनातन और एसआई श्रवण कुमार ने अपने पास से हजारों रुपये खर्च कर दवाइयां और जरूरी जांचें करवाईं।
दुखद अंत: तमाम प्रयासों के बावजूद वृद्ध को बचाया नहीं जा सका और इलाज के दौरान उनकी मृत्यु हो गई।

https://www.sabkikhabar.net/2026/02/02/रोसड़ा-प्रखंड-में-संत-शिर/


सोशल मीडिया से हुई पहचान
मृतक की पहचान के लिए सोशल मीडिया पर अभियान चलाया गया। मौत के एक दिन बाद पता चला कि मृतक समस्तीपुर जिले के खानपुर थाना अंतर्गत बछौली (वार्ड नं. 8) निवासी कपिल महतो (60 वर्ष) थे। उनके पुत्र राजेश गुप्ता ने शव का अंतिम संस्कार किया।
”रोसड़ा रेलवे स्टेशन पर पहले भी कई बार सनातन कुमार और रेलवे पुलिस ने आगे बढ़कर असहाय लोगों की मदद की है। उनकी इस सेवा भावना की पूरे क्षेत्र में चर्चा हो रही है।”


![]()












Leave a Reply