


रोसड़ा (समस्तीपुर): बिहार में कुदरत का दोहरा कहर देखने को मिल रहा है। पिछले कुछ घंटों में आए तेज आंधी-तूफान और मूसलधार बारिश ने राज्य के विभिन्न जिलों में भारी तबाही मचाई है। इस प्राकृतिक आपदा ने सबसे ज्यादा प्रहार किसानों पर किया है, जिससे खेतों में खड़ी सोने जैसी फसलें बर्बाद हो गई हैं।

रोसड़ा प्रखंड में सबसे ज्यादा नुकसान
समस्तीपुर जिले का रोसड़ा प्रखंड इस बेमौसम बारिश और तूफान से सबसे अधिक प्रभावित हुआ है। यहाँ सैकड़ों एकड़ में लगी गेहूं और मक्के की फसलें जमीन पर बिछ गई हैं। तेज हवाओं के झोंकों ने तैयार फसलों को इस कदर नुकसान पहुँचाया है कि अब किसानों के सामने लागत निकालना भी मुश्किल हो गया है।

किसान का दर्द: “सब कुछ मिट्टी में मिल गया”
मालिकाना मुसहरी के पीड़ित किसान राम उदगार सिंह ने अपना दुख साझा करते हुए बताया कि उन्होंने बड़ी उम्मीद के साथ चार एकड़ में गेहूं और तेरह एकड़ में मक्के की खेती की थी। लेकिन प्रकृति की मार ने उनकी पूरी मेहनत पर पानी फेर दिया। राम उदगार सिंह मिथलेश पासवान , सुनील राय जैसे प्रखंड के सैकड़ों अन्य किसानों की स्थिति भी बेहद चिंताजनक है, जिनकी फसलें पूरी तरह बर्बाद हो चुकी हैं।



मुआवजे की टकटकी
खेतों का मंजर देख किसानों की आंखों में आंसू हैं। प्रभावित किसानों ने अब सरकार और जिला प्रशासन से गुहार लगाई है कि जल्द से जल्द फसल नुकसान का सर्वे कराया जाए और उन्हें उचित मुआवजा दिया जाए, ताकि वे इस भारी आर्थिक संकट से उबर सकें।





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