


समस्तीपुर :- रोसड़ा थाना पुलिस ने मब्बी रेलवे ढाला के पास बीते 4 फरवरी को मिले अज्ञात शव की गुत्थी सुलझा ली है। यह मामला महज़ एक हत्या नहीं, बल्कि जमीन विवाद में रची गई एक खौफनाक साजिश का परिणाम निकला। पुलिस ने इस सनसनीखेज हत्याकांड में संलिप्त दो मुख्य आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है, जबकि एक विधि विरुद्ध बालक को निरुद्ध किया गया है।

बहन को जमीन दिलाने की मिली सजा
पुलिस अनुसंधान में यह बात सामने आई है कि मृतक टुनटुन राउत (पिता स्वर्गीय लक्ष्मी राउत, निवासी छेछनी), जो पेशे से अमीन थे, अपनी बहन को महेशपुर में जमीन दिलाने के लिए सक्रिय रूप से प्रयास कर रहे थे। इस जमीन पर गांव के ही दिलीप राउत (पिता शिवन राउत) की नजर थी। टुनटुन राउत के तकनीकी सहयोग के कारण विपक्षी पक्ष जमीन पर कब्जा करने में नाकाम हो रहा था।

इसी रंजिश में विरोधियों ने अपराधियों को मोटी रकम देकर उनकी हत्या की साजिश रची।
गला दबाकर हत्या, साक्ष्य छिपाने के लिए फेंका शव
वारदात को अंजाम देने के लिए अपराधियों ने योजनाबद्ध तरीके से टुनटुन राउत की गला दबाकर हत्या कर दी। पहचान छिपाने और पुलिस को गुमराह करने के उद्देश्य से शव को मब्बी रेलवे ढाला के पास फेंक दिया गया था।



एसडीपीओ के नेतृत्व में मिली सफलता
मामले की गंभीरता को देखते हुए रोसड़ा अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी (SDPO) संजय कुमार सिन्हा के नेतृत्व में एक विशेष टीम का गठन किया गया था। टीम ने तकनीकी साक्ष्यों और मानवीय इनपुट के आधार पर जांच शुरू की। मंगलवार की शाम रोसड़ा थाना परिसर में आयोजित प्रेस वार्ता में एसडीपीओ ने बताया कि इस कांड में कुल 8 लोगों की संलिप्तता सामने आई है।


गिरफ्तार आरोपियों की पहचान:
मोहम्मद बहार दानिश: पिता मोहम्मद शकील अहमद (उदयपुर, वार्ड-16)
धीरज कुमार: पिता जीवछ प्रसाद यादव (महुली, वार्ड-2)
इसके साथ ही एक बालक को भी निरुद्ध किया गया है।



छापेमारी टीम में शामिल
इस सफल उद्भेदन में रोसड़ा थानाध्यक्ष लालबाबू कुमार, अपर थानाध्यक्ष सुभाष चंद्र मंडल, बृजकिशोर सिंह, चंदन कुमार, मधुबाला भारती, मनीषा भारती, जितेंद्र सिंह, जितेंद्र महतो, अनीश कुमार और लरझाघाट थानाध्यक्ष राजकिशोर पंडित सहित अन्य पुलिसकर्मी शामिल थे।
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