


ROSERA:- प्रखंड कृषि कार्यालय के सभागार में शुक्रवार को उर्वरक निगरानी समिति की बैठक प्रखंड प्रमुख उषा देवी की अध्यक्षता में आयोजित हुई। बैठक में किसानों को सरकारी दर पर रासायनिक खाद उपलब्ध कराने और उर्वरक की कीमतों में कथित अनियमितता का मुद्दा प्रमुखता से उठाया गया। बैठक में विधायक वीरेंद्र कुमार, बीडीओ ममता कुमारी, बीस सूत्री कार्यक्रम के अध्यक्ष नूनू प्रसाद झा, उपाध्यक्ष अखिलेश प्रसाद सिंह, किसान सलाहकार समिति के अध्यक्ष, विभिन्न राजनीतिक दलों के प्रखंड अध्यक्ष, प्रखंड उद्यान पदाधिकारी, प्रखंड कृषि पदाधिकारी सहित क्षेत्र के उर्वरक विक्रेता मौजूद रहे।

बैठक के दौरान प्रखंड प्रमुख उषा देवी ने कही कि किसानों को उनकी आवश्यकता के अनुसार समय पर निर्धारित सरकारी दर पर खाद उपलब्ध कराना सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने कहा कि खाद की कमी या अधिक कीमत वसूले जाने से किसानों को परेशानी नहीं होनी चाहिए।बैठक में किसानों को मिलने वाली खाद की कीमतों को लेकर गंभीर चर्चा हुई। बताया गया कि सरकार द्वारा निर्धारित दर के अनुसार यूरिया खाद किसानों को 266 रुपये में उपलब्ध कराया जाना है, जबकि डीएपी की सरकारी कीमत 1350 रुपये बताई गई। वहीं, किसानों ने खुले बाजार में डीएपी 1800 से 2000 रुपये तक में मिलने की शिकायत की।

इसी तरह पोटाश की कीमत 1800 से 2200 रुपये तथा एनपीके खाद की कीमत करीब 2200 रुपये तक बताए जाने पर भी चर्चा हुई। बैठक में इस बात पर भी सवाल उठाया गया कि निर्धारित दर से अधिक कीमत पर खाद की बिक्री क्यों हो रही है।उर्वरक विक्रेताओं ने अपनी समस्याएं रखते हुए कहा कि करपुरीग्राम में रेक नहीं लगने के कारण दूसरे स्थानों से खाद मंगाने में अतिरिक्त परिवहन खर्च आता है। इसी वजह से खाद की लागत बढ़ने की बात विक्रेताओं ने कही। हालांकि, बैठक में उर्वरक दुकानदारों द्वारा डीलर से खाद प्राप्त करने की वास्तविक कीमत स्पष्ट रूप से नहीं बताई गई।



विक्रेताओं ने यह भी आरोप लगाया कि डीलरों द्वारा खाद के साथ अन्य उर्वरक लेने का दबाव बनाया जाता है। दूसरी ओर, किसानों की मांग है कि उन्हें उनकी जरूरत के मुताबिक ही खाद उपलब्ध कराई जाए। किसानों द्वारा नैनो यूरिया का अपेक्षित उपयोग नहीं किए जाने की बात भी बैठक में सामने आई।बीस सूत्री कार्यक्रम के उपाध्यक्ष अखिलेश प्रसाद सिंह ने कहा कि उर्वरक निगरानी समिति की बैठक का उद्देश्य धरातल पर पूरा होना चाहिए। केवल बैठक करने से किसानों की समस्या का समाधान नहीं होगा, बल्कि निर्धारित दर पर खाद की उपलब्धता सुनिश्चित करनी होगी।बीस सूत्री कार्यक्रम के अध्यक्ष नूनू प्रसाद झा ने खाद की उपलब्धता और बिक्री की निगरानी के लिए पदाधिकारी एवं विभिन्न राजनीतिक दलों के प्रखंड अध्यक्षों की एक कमेटी गठित करने का सुझाव दिया।



उन्होंने कहा कि यह कमेटी खाद की उपलब्धता, बिक्री और निर्धारित दर पर किसानों को खाद मिलने की स्थिति पर नजर रखे, ताकि किसानों को किसी तरह की परेशानी न हो।विधायक वीरेंद्र कुमार ने कहा कि किसानों को निर्धारित सरकारी मूल्य पर खाद उपलब्ध कराने के लिए सरकार प्रयासरत है। उन्होंने उर्वरक विक्रेताओं से अधिक कीमत पर खाद बेचे जाने के कारणों की जानकारी ली। विधायक ने कहा कि किसानों की समस्या को गंभीरता से लेते हुए कृषि विभाग के मंत्री से मिलकर खाद की उपलब्धता और कीमत से जुड़े मामले के समाधान की दिशा में पहल की जाएगी।बैठक में अधिकारियों ने उर्वरक विक्रेताओं से निर्धारित सरकारी दर का पालन करने तथा किसानों को समय पर खाद उपलब्ध कराने पर जोर दिया।



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