आंधी बारिश से हुई फसल क्षति का निरीक्षण करने छौड़ाही पहुंचे जिला कृषि पदाधिकारी। किसानों को दी आवेदन देने की सलाह, हर संभव मदद का दिया आश्वासन।

बलवंत चौधरी (बेगूसराय)
  (बेगूसराय) : पिछले पखवाड़े से लगातार हो रही बारिश से फसल को हुए व्यापक क्षति को देखने जिला कृषि पदाधिकारी शैलेश कुमार छौड़ाही प्रखंड के एकंबा पंचायत पहुंचे। एकंबा पंचायत में अभी भी ढाई सौ एकड़ से अधिक रकबे में गेहूं का फसल लगा हुआ है, और बहुत सारे कटे गेहूं खेत में तीन तीन पानी खाकर सड़ रहा है। जिला कृषि पदाधिकारी के पहुंचने पर किसानों की भीड़ इकट्ठा हो गई । शारिरिक दूरी का पालन करते हुए किसानों ने उन्हें बताया कि हम किसान जीते जी मर जाएंगे। पहले तो हमारे सरसों की फसल में 50 प्रतिशत से ज्यादा का नुकसान हुआ पूंजी भी नहीं निकल पाया।

जिसके एवज में हमें कुछ भी सरकारी मदद नहीं मिला। पुनः गेहूं की बारी आई और गेहूं के फसल में भी ऐसा ही स्थिति है। किसान रंजन कुमार सिंह ने जिला कृषि पदाधिकारी को बताया कि हम लोगों का सरसों का फसल 50 से 75 प्रतिशत तक नुकसान हुआ।  प्रखंड कृषि पदाधिकारी को इस बारे में जानकारी दी गई थी।  किसान इंद्रदेव सिंह के 3 एकड़ में लगी फसल को जिला कृषि पदाधिकारी ने देखा जो की पूर्ण तरह खराब हो चुका है और खेत इतना गिला है कि उसे ना ही मशीन काट सकता है नाहीं कोई मजदूर। गणेश सिंह के उस खेत को भी पदाधिकारी ने देखा जिसमें  पहले सरसों के फसल नुकसान हुए फसल को किसान खेत में ही जोत कर गेहूं की फसल लगाया और गेहूं की फसल की कटाई के बाद तीन तीन पानी खा कर लगभग बर्बाद हो चुका है।
किसान रब्बी सिंह,  नवल किशोर सिंह,  राजकिशोर सिंह,  आलोक कुमार,  रंजन सिंह, कन्हैया कुमार समेत कई किसान ने दिखाया कि गांव में जितने भी आम के पेड़ हैं उसके टिकुले 50 से 80 परसेंट तक झड़ चुके हैं। किसान सलाहकार अनीश कुमार ने जिला कृषि पदाधिकारी को किसानों के समक्ष बताया कि सरसों एवं गेहूं मिलाकर 400 हेक्टेयर से ज्यादा की फसल खराब हुई है। जिसकी रिपोर्ट प्रखंड कृषि कार्यालय को दी गई थी। लेकिन  शुन्य नुकसान की रिपोर्ट जिला भेजी गई। जिस कारण सरसों फसल नुकसान का मुआवजा किसानोंं को नहींं मिल सका। गेहूं नुकसान की भी रिपोर्ट प्रखंड कृषि कार्यालय भेजी गई है।
    फसल नुकसान की स्थिति देख जिला कृषि पदाधिकारी  शैलेश कुमार ने किसानों को बताया कि 26 तारीख तक वर्षा की संभावना है। यदि इस बीच में बारिश फिर होती है तो फसल क्षति हेतु किसान को आवेदन करने की स्वीकृति दी जा सकती है। उन्होंने बीएओ और कृषि समन्वयक को फसल नुकसान से संबंधित रिपोर्ट भी तलब की है।

 

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