निर्माणाधीन शौचालय टंकी का सेंटरिंग खोलने के दौरान दम घुटने से गृहस्वामी की मौत, तीन मिस्त्री-मजदूर गंभीर।

समस्तीपुर जिला के शिवाजीनगर थाना अंतर्गत दहियार रन्ना पंचायत के वार्ड 3 में सोमवार की दोपहर निर्माणाधीन शौचालय की टंकी का सेंटरिंग खोलने के दौरान हुए दर्दनाक हादसे में गृहस्वामी की दम घुटने से मौत हो गई, जबकि एक राजमिस्त्री सहित तीन अन्य लोग गंभीर रूप से बीमार हो गए। घटना के बाद पूरे गांव में अफरा तफरी मच गई तथा मृतक के परिवार में कोहराम छा गया। ग्रामीणों की मदद से सभी घायलों को आनन फानन में इलाज के लिए दरभंगा जिले के बहेड़ी प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र पहुंचाया गया, जहां चिकित्सकों ने एक मकान मालिक को मृत घोषित कर दिया। वहीं दो की हालत गंभीर देखते हुए दरभंगा डीएमसीएच रेफर कर दिया गया।

मृतक की पहचान सहरु गांव वार्ड 3 निवासी स्व. जोगी मंडल के लगभग 60 वर्षीय पुत्र पलटन ठाकुर के रूप में की गई है। वहीं घायल लोगों में गांव के ही अजय गारा (45 वर्ष), कन्हाई मंडल (30 वर्ष) तथा दरभंगा जिले के बहेड़ी थाना क्षेत्र अंतर्गत समधपुरा गांव निवासी राजमिस्त्री झिलमिल दास (55 वर्ष) शामिल हैं। बताया जाता है कि पलटन ठाकुर अपने घर में शौचालय टंकी का निर्माण करा रहे थे। करीब 10 से 15 दिन पूर्व टंकी की ढलाई कराई गई थी। सोमवार को ढलाई के बाद लगे सेंटरिंग को हटाने का कार्य किया जा रहा था। इसी दौरान गृहस्वामी पलटन ठाकुर, राजमिस्त्री झिलमिल दास तथा दो मजदूर टंकी के अंदर उतरकर सेंटरिंग खोलने लगे।

जैसे ही टंकी का स्लैब हटाकर सभी अंदर गए, अचानक दम घुटने जैसी स्थिति उत्पन्न हो गई। कुछ ही देर में चारों लोग बेहोश होकर टंकी के अंदर गिर पड़े। बाहर मौजूद लोगों ने जब काफी देर तक कोई आवाज नहीं सुनी तो शंका होने पर अंदर झांककर देखा। इसके बाद ग्रामीणों में हड़कंप मच गया। स्थानीय लोगों एवं परिजनों ने काफी मशक्कत के बाद सभी को बाहर निकाला और इलाज के लिए अस्पताल पहुंचाया। बहेड़ी प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में चिकित्सकों ने पलटन ठाकुर को मृत घोषित कर दिया। वहीं गंभीर हालत में राजमिस्त्री झिलमिल दास और मजदूर अजय गारा को डीएमसीएच रेफर कर दिया गया, जहां दोनों की हालत चिंताजनक बताई जा रही है।

जबकि कन्हाई मंडल का इलाज बहेड़ी अस्पताल में चल रहा है और चिकित्सकों ने उसे खतरे से बाहर बताया है।ग्रामीणों का कहना है कि लंबे समय तक बंद रहने के कारण टंकी के अंदर जहरीली गैस बन गई होगी। पर्याप्त हवा का आवागमन नहीं होने के कारण अंदर उतरते ही सभी लोगों का दम घुटने लगा और यह हादसा हो गया। घटना के बाद गांव में मातमी सन्नाटा पसरा हुआ है। मृतक पलटन ठाकुर गांव में दाढ़ी-बाल बनाने का कार्य कर अपने परिवार का भरण-पोषण करते थे। परिजनों ने शव का पोस्टमार्टम नहीं कराया है।

Loading

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *