बिहार का ‘वृंदावन’ बना रोसड़ा का भिरहा: 45 लाख के बजट से सजेगी होली, 100 साल पुरानी परंपरा में डूबेगा जनसैलाब।

रिपोर्ट: संतोष राज
​समस्तीपुर जिले के रोसड़ा प्रखंड अंतर्गत भिरहा गांव एक बार फिर इतिहास रचने को तैयार है। “बिहार का वृंदावन” कहे जाने वाले इस गांव में इस वर्ष होली का उत्सव भव्यता की नई मिसाल पेश करेगा। करीब 40 से 45 लाख रुपये के भारी-भरकम बजट के साथ आयोजित होने वाली यह होली अपनी सौ साल पुरानी सांस्कृतिक विरासत और सामुदायिक एकता के लिए पूरे प्रदेश में मशहूर है।

होली पोखर फोटो

दिनकर की पंक्तियों में बसा है भिरहा का गौरव
​भिरहा की होली की ख्याति ऐसी है कि राष्ट्रकवि रामधारी सिंह दिनकर ने इसे “बिहार का वृंदावन” की संज्ञा दी थी। उन्होंने कहा था कि जिन्हें वृंदावन की होली देखने का अवसर न मिले, वे भिरहा आकर उस अलौकिक आनंद का अनुभव कर सकते हैं। प्रख्यात कवि आरसी प्रसाद सिंह ने भी यहाँ की परंपराओं की मुक्तकंठ से प्रशंसा की थी।

भिरहा की सबसे बड़ी खासियत यहाँ की तीन स्वतंत्र कमेटियां हैं। हर कमेटी बेहतर कलाकार और बैंड पार्टी लाकर इस उत्सव को खास बनाती है। इस वर्ष जबलपुर का मशहूर राजकुमार बैंड और पटना की बैंड पार्टी मुख्य आकर्षण होंगे। साथ ही मुजफ्फरपुर की नृत्यांगनाओं का विशेष सांस्कृतिक कार्यक्रम देर रात तक दर्शकों का मनोरंजन करेगा।

ऐतिहासिक ‘होली पोखर’ पर बरसेगा रंगों का फव्वारा।
​गांव के ऐतिहासिक होली पोखर पर रंगों की बारिश के लिए इस बार स्प्रिंकलर युक्त चार फव्वारे लगाए गए हैं। पोखर की विशेष सफाई कर उसे पानी से लबालब भरा गया है। यहाँ जाति-धर्म की दीवारों को तोड़कर पूरा गांव एक साथ रंग-गुलाल खेलता है। नीलमणि हाई स्कूल परिसर में हजारों की भीड़ के बीच होलिका दहन का भव्य आयोजन होगा।।

राजकीय महोत्सव के दर्जे की उठ रही है मांग
​स्थानीय विधायक वीरेंद्र कुमार द्वारा विधानसभा में भिरहा की होली को ‘राजकीय महोत्सव’ का दर्जा दिलाने की मांग उठाई जा चुकी है। ग्रामीणों का मानना है कि सरकारी संरक्षण मिलने से यह आयोजन राष्ट्रीय स्तर पर अपनी पहचान बना सकेगा।।

इनके कंधों पर है आयोजन की जिम्मेदारी
​इस भव्य आयोजन को सफल बनाने में आयोजन समिति के अध्यक्ष दीपेंदु कुमार राय, राजमणि राय, छेदी राय, जवाहर राय, गुड्डू बाबा, लखन राय, दुर्गेश राय, घनश्याम राय, फंटूश, राम मोहन, गंगाराम, अनिल राय समेत समस्त ग्रामीण दिन-रात जुटे हुए हैं।।

संपादकीय टिप्पणी:
भिरहा की होली सिर्फ रंगों का त्योहार नहीं, बल्कि सामाजिक समरसता और गौरवशाली परंपरा का प्रतीक है। सबकी खबर आठो पहर की टीम आप सभी को होली की अग्रिम शुभकामनाएं देती है।

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