


रोसड़ा (समस्तीपुर): गर्मी के बढ़ते प्रकोप और अगलगी की घटनाओं को देखते हुए रोसड़ा प्रखंड के मो नगर पश्चिम में शनिवार को जीविका दीदियों के लिए एक विशेष जागरूकता शिविर का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य ग्रामीण महिलाओं को अग्नि सुरक्षा के प्रति सचेत करना और आपातकालीन स्थिति में बचाव के तरीके सिखाना था।

लापरवाही बनती है बड़ी घटना का कारण: अग्निशमन पदाधिकारी
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए अनुमंडल अग्निशमन पदाधिकारी ओंकार नाथ सिंह ने कहा कि गर्मी के मौसम में पछुआ हवा के कारण आग तेजी से फैलती है। उन्होंने जोर देते हुए कहा, “अधिकांश अगलगी की घटनाएं छोटी-छोटी मानवीय गलतियों या लापरवाही की वजह से होती हैं। अगर हम सजग रहें, तो जान-माल के बड़े नुकसान को टाला जा सकता है।

दीदियों को दिए गए महत्वपूर्ण सुरक्षा टिप्स
बैठक में जीविका दीदियों को निम्नलिखित बिंदुओं पर विस्तार से जानकारी दी गई:
रसोई की सुरक्षा: गैस सिलेंडर का उपयोग करने के बाद रेगुलेटर बंद करना और पाइप की नियमित जांच करना।
बिजली के उपकरण: शॉर्ट सर्किट से बचने के लिए पुराने तारों को बदलना और ओवरलोडिंग से बचना।
सतर्कता: जलती हुई चूल्हे की आग या मोमबत्ती को कभी भी अकेला न छोड़ें।
भंडारण: ज्वलनशील पदार्थों (जैसे केरोसिन, सूखी घास) को रिहायशी हिस्से से दूर सुरक्षित स्थान पर रखें।




समाज को जागरूक करने की अपील
अग्निशमन विभाग की टीम ने बताया कि यह अभियान गांव-गांव चलाया जा रहा है। अधिकारियों ने जीविका दीदियों से आह्वान किया कि वे इस जानकारी को केवल अपने तक न रखें, बल्कि अपने समूह और पड़ोस की अन्य महिलाओं के साथ भी साझा करें।



आपात स्थिति में क्या करें
बैठक के दौरान यह भी सिखाया गया कि यदि आग लग जाए, तो घबराने के बजाय सबसे पहले सुरक्षित स्थान पर जाएं और तुरंत अग्निशमन विभाग को सूचित करें। अंत में सभी उपस्थित महिलाओं ने स्वयं जागरूक रहने और दूसरों को भी इसके प्रति प्रेरित करने का संकल्प लिया।
नोट: ग्रामीण क्षेत्रों में सुरक्षा की दृष्टि से यह एक सराहनीय पहल है, जिससे भविष्य में होने वाली दुर्घटनाओं में कमी आने की उम्मीद है।

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