रोसड़ा में आयुष्मान कार्ड के नाम पर ‘बड़ा खेल’, बिना विशेषज्ञ डॉक्टरों के हो रहा इलाज, जांच के नाम पर वसूली।

समस्तीपुर/रोसड़ा: रोसड़ा शहर स्वास्थ्य सेवाओं को लेकर अक्सर सुर्खियों में रहता है, लेकिन अब केंद्र सरकार की महत्वाकांक्षी ‘आयुष्मान भारत योजना’ में यहाँ भारी अनियमितताओं का मामला गरमाने लगा है। शहर के कुछ चिन्हित अस्पतालों में आयुष्मान कार्ड पर इलाज के नाम पर मरीजों के साथ न केवल खिलवाड़ हो रहा है, बल्कि सरकारी नियमों की धज्जियाँ भी उड़ाई जा रही हैं।
​कागजों पर डॉक्टर, हकीकत में मरीज भगवान भरोसे।

मिली जानकारी के अनुसार, रोसड़ा शहर में दो से तीन ऐसे अस्पताल हैं जो आयुष्मान कार्ड के तहत सूचीबद्ध (Empaneled) हैं। नियमों के मुताबिक, अस्पताल को जिस बीमारी या विभाग (Specialty) के इलाज की अनुमति मिली है, उस विभाग का विशेषज्ञ डॉक्टर अस्पताल में मौजूद होना अनिवार्य है। लेकिन आरोप है कि इन अस्पतालों में संबंधित विशेषज्ञ डॉक्टर नदारद रहते हैं और मरीजों का इलाज अप्रशिक्षित स्टाफ या अन्य डॉक्टरों के भरोसे किया जा रहा है।
​फ्री इलाज के दावे फेल, जांच के नाम पर हजारों की लूट।

आयुष्मान कार्ड का मुख्य उद्देश्य गरीब मरीजों को मुफ्त इलाज और मुफ्त जांच की सुविधा देना है। इसके बावजूद, रोसड़ा के इन अस्पतालों में भर्ती मरीजों से जांच के नाम पर हजारों रुपये अलग से वसूले जा रहे हैं। परिजनों का आरोप है कि दवा और बेड तो कार्ड पर मिल जाते हैं, लेकिन पैथोलॉजी और रेडियोलॉजी जांच के लिए मोटी रकम ली जाती है, जो पूरी तरह गैर-कानूनी है।
​स्वास्थ्य विभाग की चुप्पी पर सवाल
​शहर में चल रहे इस ‘आयुष्मान खेल’ पर स्थानीय प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग की चुप्पी कई सवाल खड़े करती है। क्या विभाग को इन धांधलियों की खबर नहीं है, या जानबूझकर आंखें मूंद ली गई हैं? विशेषज्ञों का कहना है कि बिना विशेषज्ञ डॉक्टरों के सर्जरी या गंभीर बीमारियों का इलाज करना मरीजों की जान के साथ सीधा जोखिम है।

मुख्य बिंदु जो प्रशासन के लिए जांच का विषय हैं:
​क्या अस्पतालों में ऑन-ड्यूटी वही डॉक्टर मौजूद हैं जिनका नाम आयुष्मान पोर्टल पर दर्ज है?
​फ्री इलाज के बावजूद मरीजों से कैश में पैसे क्यों लिए जा रहे हैं?
​बिना विशेषज्ञ डॉक्टरों के किस आधार पर मरीजों को भर्ती किया जा रहा है?
​रोसड़ा के जागरूक नागरिकों ने इस मामले में जिला प्रशासन और सिविल सर्जन से उच्च स्तरीय जांच की मांग की है ताकि गरीबों के हक की इस योजना का लाभ सही तरीके से मिल सके और दोषियों पर कड़ी कार्रवाई हो।

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